Rewari News Today: रेवाड़ी का बेटा रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान अपनी जान गवा दिया। शुक्रवार को रेवाड़ी के अंशु का शव उनके पैतृक गांव काठुवास पहुंचा जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंशु के बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी इस दौरान उनका परिवार जोर-जोर से रोते दिखा। अंशु के पिता राकेश कुमार ने रोते हुए कहा कि अप्रैल 2025 में स्टडी वीजा पर मैंने अपने बेटे को पढ़ने भेजा था। पता नहीं किसने उसे प्रभावित करके रुसी सेना में भर्ती कर दिया।
बेटे से आखरी बार धनतेरस के दिन बात हुई थी और 4 अप्रैल को बेटे की मौत की सूचना मिली। हम बेटे का शव जल्द से जल्द अपने देश लाने का कोशिश कर रहे थे। 13 अप्रैल शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर अंशु का शव पहुंचा इसके बाद उसके शव को उनके पैतृक गांव लाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ।
चंडीगढ़ स्थित परिवहन विभाग में काम करने वाले राकेश कुमार के दो बेटे हैं। उनका छोटा बेटा अंशु स्टडी वीजा पर MBA की पढ़ाई करने रूस गया था। कुछ दिनों तक तो वह कॉलेज गया लेकिन बाद में पता नहीं किसने उसे फौज में भर्ती कर दिया। जब उससे बात हुई तो पता चला कि वह ट्रेनिंग कर रहा है।
पूछने पर अंशु ने बताया कि उसे सेवा का सामान ले जाने और ले आने के लिए भर्ती किया गया है लेकिन धनतेरस पर उसे युद्ध में फ्रंट लाइन पर भेज दिया गया। उसी दिन उसने कमांडर के फोन से वीडियो कॉल पर बात की लेकिन बाद में दोबारा उससे संपर्क नहीं हुआ। 4 अप्रैल को दूतावास से फोन आया कि आपके बेटे की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार की होश उड़ गए। अंशु के निधन के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
अंशु के परिवार वालों ने कभी सोचा भी नहीं था कि जिस बेटे को वह रूस पढ़ने के लिए भेजे हैं वह ताबूत में लौटेगा। अंशु के अचानक चले जाने से उनका परिवार बुरी तरह से टूट गया है।





















