Rewari News: जिले में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक नई पहल शुरू की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से “प्लास्टिक मुक्त हरियाणा-आज हरित, कल सुरक्षित” अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर प्रदूषण शिकायत सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संबंधी अधिकारों, कानूनों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी देना है।
पर्यावरण से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान
सहायता केंद्रों पर नागरिक जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे के अत्यधिक उपयोग, कूड़ा-कचरा प्रबंधन और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। शिकायतकर्ताओं को आवश्यक कानूनी सलाह और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे अपने अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
कानूनों और अधिकारों की दी जाएगी जानकारी
केंद्रों के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रावधानों तथा पर्यावरण संरक्षण कानूनों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पर्यावरणीय मामलों में उपलब्ध कानूनी विकल्पों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं का होगा प्रचार
अभियान के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की हेल्पलाइन 15100 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इससे जरूरतमंद नागरिकों को समय पर निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
यहां पर लगाए जाएंगे सहायता केंद्र
जारी कार्यक्रम के अनुसार 4 जून को मिनी सचिवालय परिसर, 5 जून को अनाज मंडी और नागरिक अस्पताल तथा 6 जून को बस अड्डा और रेलवे स्टेशन परिसर में सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. रेणु ने बताया कि कोई भी नागरिक पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अपनी शिकायत या समस्या सहायता केंद्रों पर दर्ज करवा सकता है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाकर सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करना भी है।


















