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Govt  Scheme: इन बच्चों को हर महीने सरकार देगी 4000 रुपये, सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

On: April 13, 2026 7:23 PM
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Govt  Scheme: भारत सरकार की ओर से चल रही ‘स्पॉन्सरशिप फॉस्टर केयर स्कीम’ अब जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ रही है. इस योजना के तहत हर महीने ₹4000 की सहायता राशि उन बच्चों को दी जा रही है जो विधवा, तलाकशुदा, अनाथ, या परिवार से त्यागे गए हों.Govt  Scheme

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल

इस योजना की जानकारी बरनाला के डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने दी. उन्होंने बताया कि ‘स्पॉन्सरशिप फॉस्टर केयर स्कीम’ को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है. योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जो विभिन्न कारणों से पारिवारिक देखभाल से वंचित रह गए हैं.

इन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ
डिप्टी कमिश्नर के अनुसार, योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा:

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जिनकी मां विधवा या तलाकशुदा हों
जिन बच्चों को परिवार ने त्याग दिया हो
जो अनाथ या बेसहारा हों
जिनके माता-पिता गंभीर बीमारियों से ग्रसित हों
जो शारीरिक रूप से बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हों
जे.जे. एक्ट के अंतर्गत आने वाले बच्चे भी पात्र

जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट 2015 के तहत आने वाले सभी बच्चों को भी इस योजना के तहत शामिल किया गया है. इसमें वे बच्चे आते हैं जो: Govt  Scheme

बेघर हैं या प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए हैं
बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति, या बाल विवाह के शिकार हैं
सड़क पर जीवन जी रहे हैं
शारीरिक रूप से विकलांग हैं या किसी शोषण का शिकार हुए हैं
एचआईवी/एड्स से पीड़ित हैं
PM CARES for Children योजना से जुड़े बच्चे भी शामिल
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत आने वाले बच्चे भी इस ₹4000 प्रति माह की सहायता योजना के पात्र होंगे. इससे उनके शैक्षणिक और सामाजिक जीवन में स्थायित्व लाया जा सकेगा.

जानिए कौन ले सकता है लाभ
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आय सीमा निर्धारित की गई है:

ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की वार्षिक आय 72,000 रुपये तक होनी चाहिए
शहरी क्षेत्रों में यह सीमा 96,000 रुपये तक तय की गई है
बच्चे को यह सहायता तब तक मिलती रहेगी जब तक वह 18 वर्ष का नहीं हो जाता. बशर्ते कि वह नियमित रूप से स्कूल जा रहा हो.

कहां और कैसे करें संपर्क?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए ज़रूरतमंद लोग बरनाला जिला प्रशासनिक परिसर में स्थित जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPU) के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. वहां से उन्हें आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ और पात्रता की पूरी जानकारी मिल जाएगी.

सरकार की प्रतिबद्धता
डिप्टी कमिश्नर टी. बेनिथ ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद बच्चे को सम्मानजनक जीवन देना है. उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी के पास ऐसे बच्चों की जानकारी है, जो इस योजना के पात्र हो सकते हैं, तो वे प्रशासन से संपर्क करें और इस नेक कार्य में सहयोग दें.

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Harsh Chauhan - Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं।

Breaking News: रेवाडी में एक साथ उठी 3 अर्थियां, पूरे गांव की आंखें नम

Breaking News: रेवाड़ी: जिले के बोड़िया कमालपुर गांव में सोमवार का दिन मातम में बदल गया, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पिता , पत्नी और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के लोगों ने नम आंखों से तीनों को अंतिम विदाई दी। पिता रतनलाल का कहना है कि उसका सब कुछ खत्म हो गया है। क्योंकि रतनलाल का बृजमोहन इकलौता बेटा था।

गांव में नही जले चूले: हादसे के बाद ही गांव में मातम छाया हुआ है आलम जहां तक है कि दाह संस्कार के दिन गांव में कोई भी चूल्हा नहीं चला गया पूरे गांव की चिंता का विषय बना हुआ है कि एक परिवार पूरा खत्म हो गया। बता दे की बृजमोहन अपने माता-पिता का इकलौती सन्तान थी। बेटा पत्नी सहित तीनों की एक साथ दर्दनाक मोत होने से घर मे मातम छाया हुआ है।

हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले।बताया जा रहा है कि इंजीनियर बुजमोहन अपने बेटे निमेष का भविष्य संवारने के लिए उसे कोचिंग सेंटर में दाखिला दिलाने पत्नी अनीता के साथ घर से निकले थे। लेकिन रास्ते में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।

 

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हादसे में ब्रिजमोहन, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई। जब तीनों के शव गांव पहुंचे तो माहौल बेहद गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।

 

दोपहर के समय गांव के श्मशान घाट में एक ही चिता पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पिता रतन सिंह ने भारी मन से कहा कि एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। वहीं मां रामकली का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार परिवार का गांव से गहरा लगाव था और वे अक्सर गांव आते-जाते रहते थे। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

राज्य में प्रशासनिक सर्जरी, 24 IAS-HCS अधिकारियों के हुए तबादले

Haryana Transfer News: राज्य में प्रशासनिक सर्जरी, 24 IAS-HCS अधिकारियों के हुए तबादले, देखें लिस्ट 

Haryana Transfer News: सोमवार की देर रात हरियाणा में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हुई। राज्य की कई आईएएस ऑफीसर्स और एचसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। तत्काल प्रभाव से तबादलों को लागू कर दिया गया है। आपको बता दे कि राज्य के कई जिलों  में प्रशासनिक जिम्मेदारी या नए अधिकारियों को सौंपी गई है।

पलवल और पानीपत में बदले गए DC 

सरकार ने IAS अधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को पलवल के उपायुक्त पद से हटाकर पानीपत का नया डीसी नियुक्त किया है।  डॉ. जैंदर सिंह छिल्लर को पलवल का नया उपायुक्त बनाया गया है। इस बदलाव के बाद दोनों जिलों में प्रशासनिक कमान नए अधिकारियों के हाथों में आ गई है।

फरीदाबाद में भी बदले अहम अधिकारी

समवर्तक सिंह खंगवाल को एचएसवीपी फरीदाबाद का प्रशासक और अतिरिक्त निदेशक अर्बन एस्टेट फरीदाबाद नियुक्त किया गया है। वहीं अमित मान को नगर निगम फरीदाबाद का सचिव बनाया गया है। अनिल कुमार यादव को नगर निगम एनआईटी फरीदाबाद में संयुक्त आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।

परिवार पहचान प्राधिकरण में नई जिम्मेदारी

शाश्वत सांगवान को हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें नागरिक संसाधन सूचना विभाग में अतिरिक्त सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। उत्सव आनंद को पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी लगाया गया है।

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कई जिलों में नए सिटी मजिस्ट्रेट तैनात

रोहित कुमार को हिसार का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। वहीं अप्रतिम सिंह को नूंह और प्रमेश सिंह को कैथल का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मनोज कुमार-1 को नारनौल में जिला परिवहन अधिकारी-सह-सचिव आरटीए की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला

Haryana News: HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला

Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने साल 2001 की हरियाणा HCS भर्ती से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। यह मामला उन 8 HCS अधिकारियों से जुड़ा हुआ है, जिन पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पक्षपात के जरिए चयन हासिल करने के आरोप लगाया गया है।Haryana News

15 साल से क्यों है पेंडिग फैसला: सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जांच अधिकारी को 26 मई को सभी जरूरी रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हरियाणा के महाधिवक्ता को भी कोर्ट की सहायता करने के लिए कहा गया है। अदालत ने सवाल उठाया कि पिछले 15 साल से लंबित इस मामले का फैसला अब तक क्यों नहीं हो पाया।Haryana News

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत सामने आए थे, तब पूरी परीक्षा को रद्द क्यों नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे फैसले को पलटने में “तीन मिनट” लगेंगे। अदालत ने कहा कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं में दोहरी लिखावट, काट-छांट या छेड़छाड़ जैसी बातें साबित होती हैं तो पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द किया जा सकता है।

2023 में दाखिल चार्जशीट हो चुकी है रद्द: हाई कोर्ट पहले ही 8 HCS अधिकारियों के खिलाफ 2023 में दाखिल चार्जशीट को रद्द कर चुका है। 4 फरवरी को दिए गए फैसले में हाई कोर्ट ने कहा था कि इन अधिकारियों का नाम मूल FIR में शामिल नहीं था और करीब 18 साल बाद पर्याप्त जांच के बिना उन्हें आरोपी बनाया गया।

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HCS भर्ती में भाई-भतीजावाद: हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल देरी के आधार पर जांच को खत्म नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों के काम में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया। यह पूरा मामला कांग्रेस नेता करण दलाल की याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2002 की HCS भर्ती में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

ये 8 अधिकारी उन 64 उम्मीदवारों में शामिल थे, जिनका चयन 2002 में हुआ था। बाद में इनके नाम IAS प्रमोशन के लिए UPSC को भेजे गए पैनल में भी शामिल किए गए, लेकिन विवाद के चलते उस पर अब तक फैसला लंबित है।

DR SATISH KHOLA

PPP 2.0 : हरियाणा में डेटा आधारित सुशासन की नई क्रांति: डा सतीश खोला

PPP 2.0: राज्य सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई दिशा देने के उद्देश्य से “PPP 2.0” परियोजना को तेजी से विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह प्रणाली अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित होगी, जिसके माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागों के विशाल डाटाबेस को एकीकृत किया जाएगा।

PPP 2.0 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एकीकृत, पारदर्शी और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, भूमि, बिजली, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा वित्तीय योजनाओं से संबंधित डेटा को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।

परियोजना के तहत शिक्षा विभाग के सभी स्तरों — प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा — का विस्तृत डेटा सम्मिलित किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना से संबंधित जानकारी को भी जोड़ा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को मिलने वाली सहायता का बेहतर विश्लेषण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा सके।PPP 2.0

 

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PPP 2.0 में स्वामित्व योजना का डेटा, समस्त भूमि अभिलेख एवं अर्बन लोकल बॉडी से संबंधित रिकॉर्ड भी एकीकृत किए जाएंगे। इससे भूमि प्रबंधन, संपत्ति सत्यापन तथा नगरीय प्रशासन को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। राज्य सरकार का मानना है कि एकीकृत भूमि और संपत्ति डेटा भविष्य में विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

परियोजना में जनगणना का संपूर्ण डेटा भी शामिल रहेगा, जिससे जनसंख्या, सामाजिक संरचना एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त सीबीडीटी, ई-श्रम, ईपीएफओ तथा सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं के आंकड़ों को AI आधारित प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के श्रमिकों की वास्तविक स्थिति का व्यापक आकलन संभव होगा तथा उन्हें योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी रूप से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मनरेगा, आयुष्मान भारत योजना, एमएफएमबी, एचआरएमएस तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का डेटा भी इस प्रणाली का हिस्सा होगा। इससे सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। AI तकनीक के उपयोग से डुप्लीकेट रिकॉर्ड, फर्जी लाभार्थी तथा डेटा विसंगतियों की पहचान करना भी आसान होगा।

वाहन संबंधी संपूर्ण डेटा और बिजली विभाग के रिकॉर्ड को भी PPP 2.0 में शामिल किया जाएगा। इससे ऊर्जा प्रबंधन, उपभोक्ता सेवाओं तथा परिवहन संबंधी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो और अधिकांश सेवाएं डिजिटल माध्यम से एकीकृत रूप में उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि PPP 2.0 को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी। AI आधारित यह प्लेटफॉर्म भविष्य में नीति निर्माण, योजना निगरानी और जनहितकारी निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावशाली बनाएगा।

राज्य सरकार का विश्वास है कि PPP 2.0 के लागू होने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनेगी। यह पहल न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस के विजन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को इस डेटा बेस टेक्नोलॉजी को पीपीपी में शामिल करने के लिए दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य दिया। सारी योजनाओं पीपीपी में शामिल होते ही हरियाणा की फैमिली आईडी देश का बेहतर डॉक्यूमेंट होगा और सभी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक ही प्लेटफॉर्म होगा।PPP 2.0

 

फैमिली आईडी के फर्जी वाडे को रोकेगा AI

Haryana News: फैमिली आईडी के फर्जी वाडे को रोकेगा AI

Haryana News: हरियाणा सरकार ने फैमिली आईडी यानी पारिवारिक पहचान पत्र (PPP) को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब हरियाणा सरकार ने तकनीकी बदलाव करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब फैमिली आईडी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाएगा। यानि इस तकनीक के जरिए परिवारों की वास्तविक आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन AI खुद करेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे और अपात्र लोगों की पहचान आसानी से हो सके।Haryana News

दिसंबर 2026 तक होगी लागू: नई प्रणाली में परिवार की आय का निर्धारण केवल फैमिली आईडी में दर्ज आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाएगा। इसके बजाय विभिन्न डिजिटल स्रोतों से मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस पूरी व्यवस्था को दिसंबर 2026 तक लागू कर दिया जाए।

डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार: सरकार का मानना है कि AI आधारित यह प्रणाली पारिवारिक आय और खर्च से जुड़े आंकड़ों में पारदर्शिता और सटीकता लाएगी। नई व्यवस्था में सिर्फ कागजों में दिखाई गई आय को मान्य नहीं माना जाएगा, बल्कि AI यह तय करेगा कि परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति क्या है। इसके लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।Haryana News

ये डाटा होगें लिंक: इस प्लेटफॉर्म को पैन कार्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और इनकम टैक्स रिटर्न जैसे वित्तीय दस्तावेजों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रॉपर्टी आईडी, भूमि रिकॉर्ड, स्कूल फीस, स्वास्थ्य संबंधी ABHA आईडी, बैंक लोन और EMI जैसी जानकारियों को भी फैमिली आईडी से लिंक किया जाएगा।Haryana News

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कमजोर परिवारों को राहत: नई प्रणाली में खर्च को भी आय का आधार माना जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई परिवार निजी स्कूलों में पढ़ाई और महंगी जीवनशैली पर ज्यादा खर्च कर रहा है, तो AI उस परिवार की वास्तविक आय का आकलन उसी आधार पर करेगा। वहीं यदि किसी परिवार ने घर निर्माण या जीवनयापन के लिए लोन लिया हुआ है, तो EMI की राशि को परिवार की कुल आय से घटाया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।Haryana News

सरकारी योजनाओं का लाभ होगा आसान: सरकार ने किसानों को भी बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। 5 लाख रुपये तक की किसान ई-खरीद को परिवार की कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। साथ ही नई व्यवस्था में उम्र सत्यापन के लिए बड़ी संतान का जन्म प्रमाण पत्र भी मान्य माना जाएगा, जिससे उन बुजुर्गों को राहत मिलेगी जिनके पास खुद का जन्म प्रमाण पत्र नहीं है।Haryana News

अपात्र लोग होगे बाहर: सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 56 लाख लोग विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इनमें लाडो-लक्ष्मी योजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी कई सामाजिक योजनाएं शामिल हैं। नई प्रणाली लागू होने के बाद पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा और अपात्र लोगों को बाहर किया जाएगा। जानकारी के अनुसार भविष्य में फैमिली आईडी को पूरी तरह आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा ताकि आर्थिक स्थिति की अधिक सटीक समीक्षा हो सके।

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