रेवाड़ी: अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, रेवाड़ी इकाई द्वारा सोमवार को स्थानीय लघु सचिवालय के समक्ष एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के मनमाने निर्धारण और इसके कारण उपभोक्ताओं के हो रहे आर्थिक शोषण के विरुद्ध किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत एक गैर-राजनीतिक संगठन के रूप में ‘ग्राहक जागरण’ के माध्यम से उपभोक्ता हितों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है। आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे की ओर आकर्षित करना था।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने MRP के मनमाने निर्धारण के खिलाफ किया प्रदर्शन
सरकार द्वारा MRP निर्धारण के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम एवं दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं।
प्रत्येक वस्तु के पैकेट पर ‘फर्स्ट सेलिंग प्राइस’ (निर्माता द्वारा निर्धारित मूल्य) अंकित करना अनिवार्य हो।
निर्माता कंपनियों द्वारा अनुचित तरीके से बढ़ाकर तय किए गए MRP पर रोक लगे, जिससे आम ग्राहक का आर्थिक शोषण बंद हो।
धरना प्रदर्शन के उपरांत, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के माध्यम से भारत सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन में उपभोक्ताओं के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता संरक्षण कानून में आवश्यक सुधारों की मांग की गई है।संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक जनहित में यह मुहिम जारी रहेगी।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने MRP के मनमाने निर्धारण के खिलाफ किया प्रदर्शन
इस अवसर पर संगठन के हरियाणा प्रांत अध्यक्ष डॉ आर बी यादव, जिला अध्यक्ष विपिन ढींगरा, भिवानी विभाग प्रभारी तरुण सिकरवाल,सचिव धीरज जांगड़ा, जिला संगठन मंत्री कृष्ण कुमार, दिनेश सैनी, अनिल, बिहारी लाल, हंसराज ,धर्मेंद्र, दिनेश, एडवोकेट नितेश, एडवोकेट सुनीता, एडवोकेट सरला एडवोकेट बीरेन,एडवोकेट संजीव, रमेश सचदेवा, रामकिशोर, सरदार निका सिंह,अतुल बत्रा, डॉ प्यारेलाल, दिनेश कपूर, बलराज, यशपाल, दयाराम, तेजपाल, सभी सदस्य एवं जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।
सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।
Inspector Leelu Ram Suspended : हरियाणा के यमुनानगर जिले में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई के मामले में हरियाणा वन विभाग ने बडी व सख्त कार्रवाई की है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, हरियाणा की ओर से जारी आदेश के अनुसार कलेसर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव विहार के इंचार्ज वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला आया सामने: बता दे कि यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव विहार क्षेत्र में खैर के हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया था। जाचं में सच्चाई मिलने के बाद विभाग ने ये कारवाई की है। Inspector Leelu Ram Suspended
3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई: शिकायत में विभागीय जांच की गई जिसमें 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई। इसी के चलते इंचार्ज वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर लीलू राम को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई : बता दे जांच में पाया गया था बडे स्त्र पर पेडो की कटाई की गई है। विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कलेसर क्षेत्र में कुल 3253 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। इनमें 1473 नए कटान और 1780 पुराने कटान के मामले शामिल पाए गए।
जानिए क्या था मामला: बता दे हरियाणा के युमनागनर में वन विभाग को कलेसर क्षेत्र में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की शिकायतें मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, हरियाणा के निर्देश पर मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) गुरुग्राम की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति गठित की गई ।
रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग की जांच में यह दोषी मिला। कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियमों के तहत लीलू राम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला निर्धारित किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध कटाई में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ आगामी दिनों में और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। जल्द ही एक ओर रिपोर्ट ओर प्रस्तुत की जाएगी जिसमें इससे जुडे लोगो के नामों का खुलासा होगा।
Haryana Government Scheme: हरियाणा सरकार के द्वारा राज्य के लोगों के लिए कई शानदार योजनाओं की शुरुआत की गई है। अब राज्य सरकार के द्वारा व्यापारियों को राहत देने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की गई है। यह एक बीमा योजना है और इस योजना के जरिए कारोबारी को दुर्घटना, आग लगने की घटना और प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाओं में सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता दिया जाएगा। इस योजना के लिए आप ₹50 देकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
दुर्घटना होने पर मिलेगा 5 लाख रुपये तक का लाभ
सरकार की व्यापारी बीमा योजना के तहत अगर किसी व्यापारी की दुर्घटना में मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसे व्यापारी के परिवार को ₹500000 की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य व्यापारियों को राहत देना है।
नई योजना के तहत व्यापारियों के माल या स्टॉक को आग, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर भी सरकार आर्थिक सहायता देगी। कारोबार के वार्षिक टर्नओवर के आधार पर 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा (Haryana Government Scheme)
इस योजना के अंतर्गत आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत आप ऑनलाइन आसानी से आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दे कि पहले इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 रखी गई थी लेकिन अब आवेदन की तिथि को बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है। 31 तारीख तक आप आसानी से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने सभी पात्र व्यापारियों से समय रहते योजना में आवेदन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना मुश्किल समय में व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। यह योजना व्यापारियों के लिए बेहद मददगार साबित हो सकती है।
GLS Fire News: रेवाड़ी जिले के बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित जीएलएस (GLS COMPANY BAWAL) कंपनी में पाचं दिन दो कर्मचारी के कंकाल मिले है। लापरवाही के चलते तीन श्रमिकों की मौत होने के चलते पुलिस कंपनी मालिक, एचआर हेड और प्लांट हेड सहित अन्य प्रबंधकों पर लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या मामला दर्ज किया है।GLS Fire News
बता दें 19 मई को जीएलएस (GLS COMPANY BAWAL) कैमिकल कंपनी में भीषण आग लगी थी। आगजनी के चलते कंपनी परिसर में 6 कर्मचारी आग में झुलस गए थे। वहीं धर्मेंद्र व सतेंद्र के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इतना ही गंभी रूप से घायल हरि बाबू को दिल्ली रैफर किया गया था जहां पर उपचार के दोरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।GLS Fire News
रविवार को मिले दो कर्मचारियो के कंकाल: 19 मई से दो कर्मचारी लापता चल रहे थे। पाचं दिन चले सर्च अभियान के (GLS COMPANY BAWAL) चलते दो कर्मचारियों के नर कंकाल मिले। अब कंकालों का पोस्टमॉर्टम और डीएनए परीक्षण परिवार के साथ कराकर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि प्रबंधन रिपोर्ट के अनुसार ये धमेंद्र व सतेंद्र हो सकते है। क्योकि घायल हुए छह कर्मयारियो के बाद ये ही दो कर्मचारी गायब थे।
कंपनी प्रबंधन का लगाई फटकार: धारूहेड़ा में दो साल 16 मार्च 2024 को प्रबधन की लापरवाही से ब्लास्ट हुआ था जिसमें बीस दिन के दौरान 14 कर्मचारियो की दर्दनाक मौत हो गई थी। बार बार लापरवाही से हो हरे हादसों के बावजूद प्रबंधन ने सबक नहीं लिया। सबसे अहम बता यह है कंपनी में न तो फायर सिस्टम ठीक था तथा ही सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम थे।
सर्च अभियान में क्यो हुई देरी: जैसे ही टीम कंपनी पहुंची तो कंपनी ओर से कर्मचारियों की सूची (GLS COMPANY BAWAL) और उस ब्लॉक में मौजूद केमिकल्स की जानकारी नहीं दी गई। यानि सब राम भरोसे काम करवाया जा रहा है। जबकि जहां पर हादसा हुआ है वहां टैक्नीकल कर्मचारी ही लग सकते है। समय पर जानकारी समय पर नहीं मिलने कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी देरी हुई। अब कंकाल मिलने पर रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र मीणा ने कंपनी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई थी।GLS Fire News
सिर्फ दिखावा, धरातल पर सुरक्षा नहीं: लोगो का कहना है सरकार की ओर से सुरक्षा विभाग व श्रम विभाग बनाए हुए है। क्या कभी किसी भी कपंनी में सुरक्षा की अनदेखी व कर्मचारियो पर हो रहे अन्याय यानि लापरवाही को लेकर कोई मामला दर्ज किया गया है। जी नहीं केवल हादसा होने के बाद ही जनता को संतुष्ट करने के लिए कार्रवाई की जाती है। सबसे जिस कंपनी में केमिकल काम होता है ओर वहां पर सुरक्षा उपकरण ही सक्रिय नहीं है तो साफ जाहिर कि मनुष्य की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।
चार कर्मचारियो की हालत गंभीर: बता दे कंपनी में आग में झुलसने के कारण दो कर्मचारियों के जले हुए अवशेष पांच दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार रात को निकाले जा सके। वहीं, चार कर्मचारी अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। जो कि 19 मई को आगजनी में झुलस गए थे।GLS Fire News
GLS Bawal Tragedy
क्यों होती है कंपनी पास: कोई कंपनी लगाने पर सुरक्षा मापदंउ चैक करने के बाद ही उत्पादन की अनुमति देने को प्रावधान है। लेकिल इस कंपनी में पता चला है कि आग लगने वाले ब्लॉक में इमरजेंसी गेट पर्याप्त बड़ा नहीं था। ऐसा नहीं है कंपनी में कार्यरत कर्मचारियो ने सुरक्षा के लिए कोई मांग नहीं रखी हो कंपनी प्रबंधन ने उचित सुरक्षा उपाय अपनाए होते और कर्मचारियों की बार-बार दी गई सूचनाओं पर ध्यान दिया होता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।GLS Fire News
फायर सिस्टम फेल, बडी अनदेखी: कंपनी में केवल उत्पादन पर ही फोक्स किया जा रहा है। सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। (GLS COMPANY BAWAL) कंपनी में लगा फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा था और किसी भी फायर सिस्टम पाइप में पानी नहीं आ रहा था। इसके अलावा, कंपनी के मैनेजमेंट और उच्चाधिकारियों ने बचाव अभियान के दौरान कोई मदद नहीं की अगर मदद होती तो सर्च अभियान को तेज किया जा सकता था।GLS Fire News
Rewari News: रेवाड़ी के कालाका गांव के वॉटर टैंको की बदहाल स्थिति अब ग्रामीणों के लिए चिंता की विषय बन चुकी है। गांव के पांच वॉटर टैंक लंबे समय से सफाई और रखरखाव के अभाव में बदहाल पड़े हुए हैं और टैंकों के आसपास काफी झाड़ियां उग गई है। आसपास गंदगी भी जमा हो गई है जिसके वजह से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों में दूषित पानी को लेकर डर बना हुआ है।
गर्मी बढ़ते ही बढ़ी परेशानी
गर्मी के मौसम में पानी का खपत बढ़ गया है लेकिन यहां के वाटर टैंको की स्थिति खराब बनी हुई है जिससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन सभी टैंकों की समय रहते सफाई नहीं की गई तो बीमारियां फैल सकती है।
गांव के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द ट्रेन को की सफाई करवाने की मांग की है इसके साथ ही गांव के लोगों का कहना है कि कई जगह पर टैंक जर्जर स्थिति में दिखाई दे रहे हैं और नियमित देखरेख नहीं होने से हालात और खराब हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि टैंकों की मरम्मत के साथ-साथ है उनकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विनय प्रकाश चौहान ने कहा कि टैंको की मरम्मत और देख देख विभाग की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि गांव की आरसीसी टैंक फिलहाल सुरक्षित स्थिति में है और हर साल बरसात के समय टैंको की सफाई होती है इस साल भी बरसात में ही टैंकों की सफाई होगी। उम्मीद है कि अगले महीने से सभी टैंको की सफाई की प्रक्रिया शुरू हो जाए।
गांव के लोगों का कहना है कि साफ पानी नागरिकों का अधिकार है लेकिन विभाग इसको लेकर गंभीर स्थिति में नहीं दिख रहा है। विभाग को साफ पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।
Success Story: अक्सर अपने बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा कि जो लोग मेहनत करते हैं उन्हें कामयाबी जरूर मिलती है। आज हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बताएंगे जिसने मुश्किलों से लड़ते हुए सफलता की कहानी लिख दी।
आज हम आपको हरियाणा की रहने वाली ममता नागर की कहानी बताएंगे जिन्होंने शादी के बाद परिवार बच्चे संभालते हुए अपनी तैयारी जारी रखी। तैयारी के दौरान लोग उन्हें ताने मारते थे कि अब तो उम्र निकल गई अब क्या नौकरी मिलेगी लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वह अपनी तैयारी जारी रखी और अंत में उन्होंने सफलता से सब का मुंह बंद कर दिया।
शादी के बाद छूट गई थी पढ़ाई
ममता एक बेहद ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है और शादी के बाद उनकी पढ़ाई भी छूट गई। शादी के बाद वह बच्चे और परिवार संभालने लगी और इन सब में वह पढ़ाई करना ही भूल गई लेकिन उनके मन में सरकारी नौकरी पाने की जिद हमेशा रही।
ममता ने जब दोबारा पढ़ाई करने का ठान लिया तब आसपास के लोग उनका मजाक उड़ाने लगे। लोग कहते थे कि इतनी उम्र बीत गई है अब क्या नौकरी मिलेगी लेकिन उनके पति ने कभी उनके साथ नहीं छोड़ा। ममता के पति हरियाणा पुलिस में नौकरी करते हैं। पति का साथ मिला तो ममता ने कुछ कर दिखाने का ठान लिया।
सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान ममता ने कई परीक्षाएं दीं, लेकिन शुरुआती दौर में सफलता हाथ नहीं लगी। कई बार कुछ अंकों की कमी से चयन रुक गया। हर रिजल्ट के बाद रिश्तेदार ताने देते थे कि अब पढ़ाई छोड़ दो।
इसके बावजूद ममता ने खुद को कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने तय कर लिया था कि मेहनत जारी रखनी है और एक दिन सफलता जरूर हासिल करनी है।
बच्चों को छोड़कर मायके में की तैयारी
पढ़ाई के दौरान ममता ने बच्चों को अपने मायके में छोड़ दिया और घंटो लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करती थी। ममता के लिए बच्चों से दूर रहना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई जारी रखी।
लगातार संघर्ष और मेहनत के बाद साल 2023 में ममता नागर का चयन केंद्रीय विद्यालय में PRT टीचर के पद पर हो गया। अब वह जयपुर स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रही हैं।