शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

Haryana News: HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला

Written by: सुनील चौहान

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Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने साल 2001 की हरियाणा HCS भर्ती से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। यह मामला उन 8…


HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला
HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला
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Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने साल 2001 की हरियाणा HCS भर्ती से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। यह मामला उन 8 HCS अधिकारियों से जुड़ा हुआ है, जिन पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पक्षपात के जरिए चयन हासिल करने के आरोप लगाया गया है।Haryana News

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15 साल से क्यों है पेंडिग फैसला: सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जांच अधिकारी को 26 मई को सभी जरूरी रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हरियाणा के महाधिवक्ता को भी कोर्ट की सहायता करने के लिए कहा गया है। अदालत ने सवाल उठाया कि पिछले 15 साल से लंबित इस मामले का फैसला अब तक क्यों नहीं हो पाया।Haryana News

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत सामने आए थे, तब पूरी परीक्षा को रद्द क्यों नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे फैसले को पलटने में “तीन मिनट” लगेंगे। अदालत ने कहा कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं में दोहरी लिखावट, काट-छांट या छेड़छाड़ जैसी बातें साबित होती हैं तो पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द किया जा सकता है।

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2023 में दाखिल चार्जशीट हो चुकी है रद्द: हाई कोर्ट पहले ही 8 HCS अधिकारियों के खिलाफ 2023 में दाखिल चार्जशीट को रद्द कर चुका है। 4 फरवरी को दिए गए फैसले में हाई कोर्ट ने कहा था कि इन अधिकारियों का नाम मूल FIR में शामिल नहीं था और करीब 18 साल बाद पर्याप्त जांच के बिना उन्हें आरोपी बनाया गया।

HCS भर्ती में भाई-भतीजावाद: हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल देरी के आधार पर जांच को खत्म नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों के काम में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया। यह पूरा मामला कांग्रेस नेता करण दलाल की याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2002 की HCS भर्ती में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

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ये 8 अधिकारी उन 64 उम्मीदवारों में शामिल थे, जिनका चयन 2002 में हुआ था। बाद में इनके नाम IAS प्रमोशन के लिए UPSC को भेजे गए पैनल में भी शामिल किए गए, लेकिन विवाद के चलते उस पर अब तक फैसला लंबित है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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