Dharuhera News: धारूहेड़ा: गांव डूंगरवास के युवाओं ने स्वच्छता और गांव के विकास की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली है। ग्राम विकास मंच डूंगरवास के बैनर तले युवा हर रविवार स्वेच्छा से एक घंटा श्रमदान कर रहे हैं।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल युवा ही नहीं, बल्कि गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हर रविवार को पहले योगाभ्यास के बाद सभी सदस्य अपनी यथाशक्ति अनुसार गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थानों और मंदिर परिसर की सफाई करते हैं।Dharuhera News
टीम लीडर निर्मल मास्टर ने बताया कि सफाई के बाद सभी मिलकर अगले सप्ताह की कार्य योजना बनाते हैं, ताकि गांव के विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। प्रत्येक रविवार का समापन ‘भारतमाता की जय‘ के जयघोष के साथ किया जाता है, जिससे पूरे माहौल में देशभक्ति और सेवा का भाव भर जाता है।Dharuhera News
सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।
Breaking News: रेवाड़ी: जिले के बोड़िया कमालपुर गांव में सोमवार का दिन मातम में बदल गया, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पिता , पत्नी और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के लोगों ने नम आंखों से तीनों को अंतिम विदाई दी। पिता रतनलाल का कहना है कि उसका सब कुछ खत्म हो गया है। क्योंकि रतनलाल का बृजमोहन इकलौता बेटा था।
गांव में नही जले चूले: हादसे के बाद ही गांव में मातम छाया हुआ है आलम जहां तक है कि दाह संस्कार के दिन गांव में कोई भी चूल्हा नहीं चला गया पूरे गांव की चिंता का विषय बना हुआ है कि एक परिवार पूरा खत्म हो गया। बता दे की बृजमोहन अपने माता-पिता का इकलौती सन्तान थी। बेटा पत्नी सहित तीनों की एक साथ दर्दनाक मोत होने से घर मे मातम छाया हुआ है।
हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले।बताया जा रहा है कि इंजीनियर बुजमोहन अपने बेटे निमेष का भविष्य संवारने के लिए उसे कोचिंग सेंटर में दाखिला दिलाने पत्नी अनीता के साथ घर से निकले थे। लेकिन रास्ते में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
दोपहर के समय गांव के श्मशान घाट में एक ही चिता पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पिता रतन सिंह ने भारी मन से कहा कि एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। वहीं मां रामकली का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार परिवार का गांव से गहरा लगाव था और वे अक्सर गांव आते-जाते रहते थे। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
धारूहेड़ा: प्रतिभाशाली छात्रा वेदिका ने जिला स्तरीय पेंटिंग प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर अपने विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ विद्यालय ततारपुर इस्तमुरार की कक्षा 12वीं की छात्रा वेदिका पुत्री दीपचंद को भारत सरकार की ओर से जनगणना जागरूकता अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
पुरस्कार देकर किया सम्मानित: जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा ने वेदिका को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता का विषय “हमारी जनगणना, हमारा भविष्य” था, जिसमें वेदिका ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से जनगणना के महत्व को बेहद रचनात्मक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत: विद्यालय के प्राचार्य विनोद मेहता ने छात्रा वेदिका, उसके अभिभावकों तथा कला अध्यापिका श्रीमती मंजीत को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वेदिका की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
Dharuhera News: धारूहेड़ा: जेठ (ज्येष्ठ) माह की भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए मीठे पानी की छबील (प्याऊ) लगाना एक अत्यंत पुण्य और सेवा का कार्य माना जाता है ।
दिल्ली जयपुर हाइवे के पास डूंगरवास के निकट वाहनों को रोककर ठंडे व मीठा पानी राहगीरों को पिलाया गया। छबील को सुबह से प्रारंभ कर सांय तक लगाया गया। जिसमें दिनभर सैकड़ों लोगों की प्यास बुझाई गई।Dharuhera News
समाजसेवी प्रदीप पंच ने कहा कि ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना उसे नया जीवन देने के समान है एक दशक पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं चौपालों व बैठकों में पूरे ज्येष्ठ माह पुण्य प्राप्ति हेतु मिट्टी के नए घडों में पानी भरकर रखती थे।Dharuhera News
आजकल प्याउ विलुप्त होती जा रही है। बताया जा रहा है कि गर्मी में प्यासे को पानी पिलाने का कई गुणा फल प्राप्त हो सके इस मौके पर नादिर , विपिन, धर्मेंद्र, शालिम, शिवम सहित अन्य मौजूद रहे।
Rewari Accident News: रेवाड़ी से एक दिन दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। रेवाड़ी-जैसलमेर हाईवे पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि परिवार नारनौल की तरफ से अपने गांव वापस लौट रहा था। इसी दौरान धामलावास के पास सामने से आ रहे ट्रक ने स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे के बाद कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए। मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मृतकों में पति, पत्नी और उनका बेटा शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक का माहौल बन गया। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाने की मांग की है। अभी तक हाइवे पर कई हद से हो चुके हैं और कई परिवार हादसों में उजड़ चुके हैं ऐसे में अब सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
Bawal Fire Tragedy: बावल स्थित GLS कंपनी में चार दिन पहले लगी भीषण आग के बाद लापता कर्मचारियों की तलाश के दौरान कंपनी परिसर से शव मिलने से सनसनी फैल गई। हादसे के बाद प्रशासन और कंपनी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं
Bawal Fire News: 12 दिन में लगी दूसरी बार लगी भंयकर आग, कई कर्मचारी झुलसे
रेवाड़ी के बावल के सेक्टर-5 की GLS केमिकल इंक कंपनी में 19 मई को भयंकर आग लग गई थी। सूचना पार श्रमिकों के परिजनों ने कंपनी के गेट पर डेरा डाला हुआ है। वहीं पिछले दो दिन से यहां पर NDRF ने डेरा डाला हुआ है। पूरे प्लांट की चैकिंग चल रही है। दो दिन लापता दोनो श्रमिकोंं के शव कंपनी में मिल गए है।Fire in GLS
छह श्रमिक हुए थे घायल: बता दे 19 मई केमिकल इंक कंपनी आग लगने से छह श्रमिक झुलस गए थे। आग से झुलसे 6 कर्मचारियों में से यूपी निवासी 35 वर्षीय हरि बाबू की मौत हो चुकी है, जबकि चार अभी भी उपचाराधीन है। वही पाचं दिन से लातपा दोना कर्मचारियो का रविवार रात को सुराग लग गया है।Fire in GLS
GLS Fire: NDRF की टीमो ने संभाला मोर्चा, एसपी और डीसी ने लिया स्थिति का जायजा
जिसका डर था वही हुआ: परिजनो को पहले ही भय था कि उसने बेटे कंपनी के अंदर ही जल गए है। कई बार परिजनो ने विरोध जताते हुए अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन प्रशासन के आशवासन के चलते वे बाहर ही रूक रहे। रविवार को टीम ने जब कंपनी में जले मलबे हो हटाया तो डेड बोडी मिलने की पुष्टि की।Fire in GLS
आग पर काबू, राहत कार्य जारी: बता दे कि केमिकल कंपनी मे आग पर 19 की रात को पूर्णतया काबू पा लिया गया था, परंतु बचाव कार्य अभी भी जारी है। रविवार को राहत टीम ने आगजनी से हुए मलबे को हटाया तो दो श्रमिकोंं की डेड बोडी मिली। दोनो शवो को पोस्टमार्टम के लिए रेवाड़ी भिजवा दिया गया है। सोमवार को दोनो का पोस्टमार्टम किया जाएगा।Bawal Fire Tragedy
GLS Fire: NDRF की टीमो ने संभाला मोर्चा, एसपी और डीसी ने लिया स्थिति का जायजा
100 से ज्यादा कर्मचारी थे कार्यरत: जिस समय कंपनी में आग लगी थी उस समय उत्पादन जारी थी बताया जा रहा है 100 से कर्मचारी उस समय कार्यरत थे। आगजनी में छह कर्मचारी झुलस गए थे। जिससे बाद में उपचार के दौरान एक की मोत हो गई थी जबकि दो कर्मचारी उसी दिन लापता थे ।
आग कैसे लगी: कपनी में 19 मई को आग लगी थी आग लगने का कारणा शोर्ट शर्किट बताया जा रहा है। काफी मश्क्त के बाद करीब 10 घंटे में आग पर काबू पाया गया था।
प्रशासन ने क्या कहा: आग लगने के बाद ही प्रशासन पहुंच गया था। बताया जा पिछले तीन दिन में कपनी राहत कार्य चालू किया हुआ था। राहत कार्य के चलते ही रविवार को दोनो लापता श्रमिकों के शव मिले है।
Bawal Fire News: 12 दिन में लगी दूसरी बार लगी भंयकर आग, कई कर्मचारी झुलसे
परिजनों का बयान: परिजन पिछले तीन दिन से कंपनी गेट पर रूक हुए है वे बार बार अपने बेटों से मिलने की बात कर रहे थे लेकिन प्रशासन का कहना था कंपनी में राहत कार्य जारी है उनके पास कोई सुचना नहीं है लापता दोनो श्रमिक कहां पर है।
लापरवाही से फिर ले जान: रेवाडी जिले में लापरवाही के चलते ये कोई पहला हादसा नहीं है। धारूहेड़ा में लाइफ लोंग कपनी में 16 मार्च का आगजनी में 30 से ज्यादा श्रमिक झुलस गए थे जिसमें उपचार के दोरान एक दर्जन श्रमिको की मौत हो गई थी। इतना ही हीरो मोटो कोर्प धारूहेड़ा में एक श्रमिक की इसी तरह मोत हो गई थी ओर अब एक बार फिर इस कंपनी में हुई आगजनी से दो श्रमिको की मौत हो गई है।