PPP 2.0 : हरियाणा में डेटा आधारित सुशासन की नई क्रांति: डा सतीश खोला

On: May 25, 2026 8:41 PM
Follow Us:
DR SATISH KHOLA

PPP 2.0: राज्य सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई दिशा देने के उद्देश्य से “PPP 2.0” परियोजना को तेजी से विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह प्रणाली अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित होगी, जिसके माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागों के विशाल डाटाबेस को एकीकृत किया जाएगा।

PPP 2.0 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एकीकृत, पारदर्शी और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, भूमि, बिजली, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा वित्तीय योजनाओं से संबंधित डेटा को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।

परियोजना के तहत शिक्षा विभाग के सभी स्तरों — प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा — का विस्तृत डेटा सम्मिलित किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना से संबंधित जानकारी को भी जोड़ा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को मिलने वाली सहायता का बेहतर विश्लेषण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा सके।PPP 2.0

 

PPP 2.0 में स्वामित्व योजना का डेटा, समस्त भूमि अभिलेख एवं अर्बन लोकल बॉडी से संबंधित रिकॉर्ड भी एकीकृत किए जाएंगे। इससे भूमि प्रबंधन, संपत्ति सत्यापन तथा नगरीय प्रशासन को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। राज्य सरकार का मानना है कि एकीकृत भूमि और संपत्ति डेटा भविष्य में विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

परियोजना में जनगणना का संपूर्ण डेटा भी शामिल रहेगा, जिससे जनसंख्या, सामाजिक संरचना एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त सीबीडीटी, ई-श्रम, ईपीएफओ तथा सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं के आंकड़ों को AI आधारित प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के श्रमिकों की वास्तविक स्थिति का व्यापक आकलन संभव होगा तथा उन्हें योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी रूप से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मनरेगा, आयुष्मान भारत योजना, एमएफएमबी, एचआरएमएस तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का डेटा भी इस प्रणाली का हिस्सा होगा। इससे सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। AI तकनीक के उपयोग से डुप्लीकेट रिकॉर्ड, फर्जी लाभार्थी तथा डेटा विसंगतियों की पहचान करना भी आसान होगा।

वाहन संबंधी संपूर्ण डेटा और बिजली विभाग के रिकॉर्ड को भी PPP 2.0 में शामिल किया जाएगा। इससे ऊर्जा प्रबंधन, उपभोक्ता सेवाओं तथा परिवहन संबंधी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो और अधिकांश सेवाएं डिजिटल माध्यम से एकीकृत रूप में उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि PPP 2.0 को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी। AI आधारित यह प्लेटफॉर्म भविष्य में नीति निर्माण, योजना निगरानी और जनहितकारी निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावशाली बनाएगा।

राज्य सरकार का विश्वास है कि PPP 2.0 के लागू होने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनेगी। यह पहल न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस के विजन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को इस डेटा बेस टेक्नोलॉजी को पीपीपी में शामिल करने के लिए दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य दिया। सारी योजनाओं पीपीपी में शामिल होते ही हरियाणा की फैमिली आईडी देश का बेहतर डॉक्यूमेंट होगा और सभी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक ही प्लेटफॉर्म होगा।PPP 2.0

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now