Rewari News: मंजूरी के बावजूद सिर्फ कागजों में सिमटा धारूहेड़ा में ट्रेजरी कार्यालय

On: April 14, 2026 4:24 PM
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मंजूरी के बावजूद सिर्फ कागजों में सिमटा धारूहेड़ा में ट्रेजरी कार्यालय

Rewari News: धारूहेड़ा: एक ​बार फिर धारूहेड़ा मे ट्रेजरी कार्यालय की घोषण कागजों में सिमट कर रह गई है। सबसे अहम बात यह है कि औद्योगिक कस्बे धारूहेड़ा में उप खजाना कार्यालय को मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। करीब एक साल पहले सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद भी स्टाफ की नियुक्ति न होने के कारण यह कार्यालय केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है।Rewari News

महानिदेशक को चेयरमैन ने भेजा पत्र: धारूहेड़ा में घोषणा के 14 माह बाद ही कार्यालय नहीं खोलने को लेकर नगरपालिका चेयरमैन कंवर सिंह ने महानिदेशक को पत्र लिखकर जल्द से जल्द स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है, ताकि यहां के लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहां जब मंजूरी मिल चुकी तो फिर यहां के लिए स्टाफ नियुक्त क्यों नहीं किया गया गया है।Rewari News

24 जनवरी 2025 को मिली थी मंजूरी: बता दे कि कई सालों से बार बार मांग किए जाने पर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव के प्रयास से धारूहेड़ा में खजाना कार्यालय खोलने की मंजूरी 24 जनवरी 2025 को मिली थी। जिसके चलते इस साल अप्रैल से खजाना चालू हो जाना चाहिए थाRewari News

इसके बाद रेवाड़ी के खजाना अधिकारी द्वारा कस्बे में एसबीआई बैंक में खाता भी खुलवा दिया गया और उपतहसील कार्यालय के लिए दो कमरों में कंप्यूटर सहित आवश्यक व्यवस्था भी कर दी गई। यहां के लिए कोई पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं, जिसके कारण कार्यालय का कामकाज शुरू नहीं हो पा रहा है।Rewari News

उन्होंने कहा कि धारूहेड़ा एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और यहां की आबादी लगभग एक लाख के करीब पहुंच चुकी है। राजस्व के लिहाज से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से करीब 80 करोड़ रुपये के आसपास राजस्व जाता है। ऐसे में यहां पर ट्रेजरी कार्यालय होना बहुत जरूरी है।Rewari News

खजाने के अभाव में रेवाड़ी की दौड़ लगानी पड़ती है। अगर खजाना कार्यालय शुरू हो जाए तो उन्हें बड़ी सुविधा मिलेगी और सरकारी कामकाज भी तेजी से निपट सकेंगे।
कंवर सिंह चेयरमैन धारूहेड़ा

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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