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Fire in Rewari: धारूहेड़ा छप्पर में लगी भयंकर आग

On: April 18, 2026 6:14 PM
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Fire in Rewari: धारूहेड़ा छप्पर में लगी भयंकर आग

Fire in Rewari: धारूहेड़ा: दिल्ली जयपुर हाईवे स्थित थाना कालोनी में शनिवार को एक टीननुमा छप्पर में आग लग गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।’ Fire in Rewari

Fire in Rewari: धारूहेड़ा छप्पर में लगी भयंकर आग
Fire in Rewari: धारूहेड़ा छप्पर में लगी भयंकर आग

बता दे नागल चौधरी के गांव आसरावास के रहने वाले नवीन कुमार ने कालोनी में दूध डेयरी बनाई है। दोपहर उसके एक छप्पर में आग लग गई। Fire in Rewari

 

सूचना पाकर दमकल विभाग से पवन धारीवाल, राजकुमार, जितेंद व भवंर सिंह गाडी लेकर पहुंचे तथा आग पर काबू पाया। बता दे समय पर गाडी के पहुंचने से तुरंत आग पर काबू पाया गया है। फिलहाल एक छप्पर जल गया है। कोई अन्य नुकसान नहीं है। आग लगने का कारण तारों में शोर्ट सर्किट माना जा रहा है। Fire in Rewari

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Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

Breaking News: रेवाडी में एक साथ उठी 3 अर्थियां, पूरे गांव की आंखें नम

Breaking News: रेवाड़ी: जिले के बोड़िया कमालपुर गांव में सोमवार का दिन मातम में बदल गया, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पिता , पत्नी और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के लोगों ने नम आंखों से तीनों को अंतिम विदाई दी। पिता रतनलाल का कहना है कि उसका सब कुछ खत्म हो गया है। क्योंकि रतनलाल का बृजमोहन इकलौता बेटा था।

गांव में नही जले चूले: हादसे के बाद ही गांव में मातम छाया हुआ है आलम जहां तक है कि दाह संस्कार के दिन गांव में कोई भी चूल्हा नहीं चला गया पूरे गांव की चिंता का विषय बना हुआ है कि एक परिवार पूरा खत्म हो गया। बता दे की बृजमोहन अपने माता-पिता का इकलौती सन्तान थी। बेटा पत्नी सहित तीनों की एक साथ दर्दनाक मोत होने से घर मे मातम छाया हुआ है।

हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में दिनभर चूल्हे तक नहीं जले।बताया जा रहा है कि इंजीनियर बुजमोहन अपने बेटे निमेष का भविष्य संवारने के लिए उसे कोचिंग सेंटर में दाखिला दिलाने पत्नी अनीता के साथ घर से निकले थे। लेकिन रास्ते में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।

 

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हादसे में ब्रिजमोहन, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई। जब तीनों के शव गांव पहुंचे तो माहौल बेहद गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।

 

दोपहर के समय गांव के श्मशान घाट में एक ही चिता पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पिता रतन सिंह ने भारी मन से कहा कि एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। वहीं मां रामकली का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार परिवार का गांव से गहरा लगाव था और वे अक्सर गांव आते-जाते रहते थे। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

गांव के युवाओं ने ठानी स्वच्छता की जिम्मेदारी

Dharuhera News: गांव के युवाओं ने ठानी स्वच्छता की जिम्मेदारी

Dharuhera News: धारूहेड़ा: गांव डूंगरवास के युवाओं ने स्वच्छता और गांव के विकास की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली है। ग्राम विकास मंच डूंगरवास के बैनर तले युवा हर रविवार स्वेच्छा से एक घंटा श्रमदान कर रहे हैं।

इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल युवा ही नहीं, बल्कि गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हर रविवार को पहले योगाभ्यास के बाद सभी सदस्य अपनी यथाशक्ति अनुसार गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थानों और मंदिर परिसर की सफाई करते हैं।Dharuhera News

टीम लीडर निर्मल मास्टर ने बताया कि सफाई के बाद सभी मिलकर अगले सप्ताह की कार्य योजना बनाते हैं, ताकि गांव के विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। प्रत्येक रविवार का समापन ‘भारतमाता की जय‘ के जयघोष के साथ किया जाता है, जिससे पूरे माहौल में देशभक्ति और सेवा का भाव भर जाता है।Dharuhera News

राज्य में प्रशासनिक सर्जरी, 24 IAS-HCS अधिकारियों के हुए तबादले

Haryana Transfer News: राज्य में प्रशासनिक सर्जरी, 24 IAS-HCS अधिकारियों के हुए तबादले, देखें लिस्ट 

Haryana Transfer News: सोमवार की देर रात हरियाणा में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हुई। राज्य की कई आईएएस ऑफीसर्स और एचसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। तत्काल प्रभाव से तबादलों को लागू कर दिया गया है। आपको बता दे कि राज्य के कई जिलों  में प्रशासनिक जिम्मेदारी या नए अधिकारियों को सौंपी गई है।

पलवल और पानीपत में बदले गए DC 

सरकार ने IAS अधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को पलवल के उपायुक्त पद से हटाकर पानीपत का नया डीसी नियुक्त किया है।  डॉ. जैंदर सिंह छिल्लर को पलवल का नया उपायुक्त बनाया गया है। इस बदलाव के बाद दोनों जिलों में प्रशासनिक कमान नए अधिकारियों के हाथों में आ गई है।

फरीदाबाद में भी बदले अहम अधिकारी

समवर्तक सिंह खंगवाल को एचएसवीपी फरीदाबाद का प्रशासक और अतिरिक्त निदेशक अर्बन एस्टेट फरीदाबाद नियुक्त किया गया है। वहीं अमित मान को नगर निगम फरीदाबाद का सचिव बनाया गया है। अनिल कुमार यादव को नगर निगम एनआईटी फरीदाबाद में संयुक्त आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।

परिवार पहचान प्राधिकरण में नई जिम्मेदारी

शाश्वत सांगवान को हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें नागरिक संसाधन सूचना विभाग में अतिरिक्त सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। उत्सव आनंद को पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी लगाया गया है।

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कई जिलों में नए सिटी मजिस्ट्रेट तैनात

रोहित कुमार को हिसार का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। वहीं अप्रतिम सिंह को नूंह और प्रमेश सिंह को कैथल का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मनोज कुमार-1 को नारनौल में जिला परिवहन अधिकारी-सह-सचिव आरटीए की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला

Haryana News: HCS भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला

Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने साल 2001 की हरियाणा HCS भर्ती से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। यह मामला उन 8 HCS अधिकारियों से जुड़ा हुआ है, जिन पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पक्षपात के जरिए चयन हासिल करने के आरोप लगाया गया है।Haryana News

15 साल से क्यों है पेंडिग फैसला: सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जांच अधिकारी को 26 मई को सभी जरूरी रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हरियाणा के महाधिवक्ता को भी कोर्ट की सहायता करने के लिए कहा गया है। अदालत ने सवाल उठाया कि पिछले 15 साल से लंबित इस मामले का फैसला अब तक क्यों नहीं हो पाया।Haryana News

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत सामने आए थे, तब पूरी परीक्षा को रद्द क्यों नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे फैसले को पलटने में “तीन मिनट” लगेंगे। अदालत ने कहा कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं में दोहरी लिखावट, काट-छांट या छेड़छाड़ जैसी बातें साबित होती हैं तो पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द किया जा सकता है।

2023 में दाखिल चार्जशीट हो चुकी है रद्द: हाई कोर्ट पहले ही 8 HCS अधिकारियों के खिलाफ 2023 में दाखिल चार्जशीट को रद्द कर चुका है। 4 फरवरी को दिए गए फैसले में हाई कोर्ट ने कहा था कि इन अधिकारियों का नाम मूल FIR में शामिल नहीं था और करीब 18 साल बाद पर्याप्त जांच के बिना उन्हें आरोपी बनाया गया।

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HCS भर्ती में भाई-भतीजावाद: हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल देरी के आधार पर जांच को खत्म नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों के काम में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप किया। यह पूरा मामला कांग्रेस नेता करण दलाल की याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2002 की HCS भर्ती में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

ये 8 अधिकारी उन 64 उम्मीदवारों में शामिल थे, जिनका चयन 2002 में हुआ था। बाद में इनके नाम IAS प्रमोशन के लिए UPSC को भेजे गए पैनल में भी शामिल किए गए, लेकिन विवाद के चलते उस पर अब तक फैसला लंबित है।

DR SATISH KHOLA

PPP 2.0 : हरियाणा में डेटा आधारित सुशासन की नई क्रांति: डा सतीश खोला

PPP 2.0: राज्य सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई दिशा देने के उद्देश्य से “PPP 2.0” परियोजना को तेजी से विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह प्रणाली अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर आधारित होगी, जिसके माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागों के विशाल डाटाबेस को एकीकृत किया जाएगा।

PPP 2.0 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एकीकृत, पारदर्शी और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, भूमि, बिजली, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा वित्तीय योजनाओं से संबंधित डेटा को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।

परियोजना के तहत शिक्षा विभाग के सभी स्तरों — प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा — का विस्तृत डेटा सम्मिलित किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना से संबंधित जानकारी को भी जोड़ा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को मिलने वाली सहायता का बेहतर विश्लेषण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा सके।PPP 2.0

 

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PPP 2.0 में स्वामित्व योजना का डेटा, समस्त भूमि अभिलेख एवं अर्बन लोकल बॉडी से संबंधित रिकॉर्ड भी एकीकृत किए जाएंगे। इससे भूमि प्रबंधन, संपत्ति सत्यापन तथा नगरीय प्रशासन को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। राज्य सरकार का मानना है कि एकीकृत भूमि और संपत्ति डेटा भविष्य में विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

परियोजना में जनगणना का संपूर्ण डेटा भी शामिल रहेगा, जिससे जनसंख्या, सामाजिक संरचना एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त सीबीडीटी, ई-श्रम, ईपीएफओ तथा सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं के आंकड़ों को AI आधारित प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के श्रमिकों की वास्तविक स्थिति का व्यापक आकलन संभव होगा तथा उन्हें योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी रूप से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मनरेगा, आयुष्मान भारत योजना, एमएफएमबी, एचआरएमएस तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का डेटा भी इस प्रणाली का हिस्सा होगा। इससे सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। AI तकनीक के उपयोग से डुप्लीकेट रिकॉर्ड, फर्जी लाभार्थी तथा डेटा विसंगतियों की पहचान करना भी आसान होगा।

वाहन संबंधी संपूर्ण डेटा और बिजली विभाग के रिकॉर्ड को भी PPP 2.0 में शामिल किया जाएगा। इससे ऊर्जा प्रबंधन, उपभोक्ता सेवाओं तथा परिवहन संबंधी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो और अधिकांश सेवाएं डिजिटल माध्यम से एकीकृत रूप में उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि PPP 2.0 को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी। AI आधारित यह प्लेटफॉर्म भविष्य में नीति निर्माण, योजना निगरानी और जनहितकारी निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावशाली बनाएगा।

राज्य सरकार का विश्वास है कि PPP 2.0 के लागू होने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनेगी। यह पहल न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस के विजन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को इस डेटा बेस टेक्नोलॉजी को पीपीपी में शामिल करने के लिए दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य दिया। सारी योजनाओं पीपीपी में शामिल होते ही हरियाणा की फैमिली आईडी देश का बेहतर डॉक्यूमेंट होगा और सभी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक ही प्लेटफॉर्म होगा।PPP 2.0

 

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