
भिवाड़ी (Best24News): औद्योगिक कस्बे भिवाड़ी स्थित BDI सनशाइन सिटी सोसाइटी एक बार फिर से सुर्खियों में है। बता दे कि इस बार मामला बेहद गंभीर और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। सोसाइटी निवासियों का आरोप है कि Sapphire Tower के पीछे स्थित गैस बैंक (Gas Bank) में घरेलू गैस सिलेंडरों (Domestic Gas Cylinders) का अवैध स्टॉक जमा करके उन्हें निवासियों को महंगे कमर्शियल दामों (Black Market Rates) पर बेचा जा रहा है।
NGT की संयुक्त जांच (Joint Inspection) में हुआ खुलासा
बता दे कि 30 जुलाई को सोसाइटी में NGT की संयुक्त जांच हुई थी । सोसाइटी निवासियों का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप प्रशासनिक अधिकारियों पर लगाया हे। उनका कहना है त्जानकारी के अनुसार 30 जुलाई 2026 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के तहत एक उच्च स्तरीय संयुक्त निरीक्षण (Joint Inspection) टीम ने BDI सनशाइन सिटी का दौरा किया था। सोसाइटी निवासियों का आरोप है कि Sapphire Tower के पीछे स्थित गैस बैंक (Gas Bank) में घरेलू गैस सिलेंडरों (Domestic Gas Cylinders) का अवैध स्टॉक मिला था।
ये भी पढ़ें:Breaking News: सोशल मिडिया से हुई थी दोस्ती, फिर खेला ऐसा खेल, अब दोनों पकडे गए ?
बता दे इस जांच टीम में ADM भिवाड़ी, BIDA तहसीलदार (श्रीमती रजनी ) फायर ऑफिसर ( नरेश मीणा ) प्रदूषया नियंत्रण बोर्ड अधिकारी (Pollution Officer) आदि थे। टीम ने इसका ज्यादा स्टॉक होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
ये भी पढ़ें:रेवाड़ी पुलिस ने बाजार में किया पैदल मार्ग्, जानिए दुकानदारों से क्या कहा ?
बता दे कि चार-चार आला अधिकारियों की मौजूदगी में गैस बैंक के पास घरेलू सिलेंडरों का अवैध स्टॉक मिला लेकिन इसके बावजूद एडीएम भिवाड़ी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बिल्डर या संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
बड़े हादसे को न्योता दे रहा है अवैध गैस स्टॉक
सोसाइटी निवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि रिहायशी टावरों (जैसे Sapphire Tower) के बिल्कुल पास भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों का अनधिकृत भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। यदि यहां कोई अग्निकांड या बड़ा हादसा होता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी बिल्डर प्रबंधन, गैस सप्लायर और मौन साधे बैठे प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।
निवासियों ने राजस्थान सरकार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध गैस भंडारण और कालाबाजारी की तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी बिल्डर और गैस माफिया के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई (FIR) दर्ज की जाए।
ये भी पढ़ें:रेवाड़ी में अब नहीं लगेंगे बिजली के कट, यहां बनेगा 220 KV सब-स्टेशन
