दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दोनों शहरों को और बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए एक नए मेट्रो कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लागू होने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है और लोगों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
20 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव, मंजूरी का इंतजार
प्रस्तावित योजना के अनुसार नया मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली के यशोभूमि क्षेत्र से गुरुग्राम के राजीव चौक जंक्शन तक बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 20 किलोमीटर होगी। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जा चुकी है और अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
पांच नए अंडरग्राउंड स्टेशन से यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
इस नए मेट्रो रूट पर पांच भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें बिजवासन, कापसहेड़ा, सेक्टर-22, इफको चौक और राजीव चौक जंक्शन शामिल हैं। यह कॉरिडोर दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा को पहले से अधिक आसान और तेज बनाएगा। साथ ही द्वारका की ओर से आने वाले मेट्रो नेटवर्क से बेहतर इंटरचेंज मिलने के कारण यात्रियों को सफर के दौरान कम बदलाव करने पड़ेंगे।
फेज-5 के विस्तार के साथ 2031 तक और मजबूत होगा मेट्रो नेटवर्क
दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की बड़ी योजना के तहत फेज-5 (बी) में कई नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा गुरुग्राम से मानेसर तक मेट्रो लाइन का भी विस्तार प्रस्तावित है, जहां वर्ष 2031 तक करीब 28 नए स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार से मानेसर, न्यू गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलेगा तथा सड़क यातायात पर दबाव भी कम होने की उम्मीद है।













