रेवाड़ी: जिला मुख्यालय पर एसडीएम (SDM) और वकीलों के बीच चल रहा गतिरोध अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले करीब तीन महीनों (16 अप्रैल) से जारी इस विवाद में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। बार एसोसिएशन की आगामी सोमवार 20 जुलाई से जिले की सभी अदालतों में कामकाज पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
तबादला नहीं तो काम नही: शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के खचाखच भरे बार रूम में वकीलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने की। वकीलों ने दो टूक शब्दों में ऐलान किया है कि जब तक संबंधित एसडीएम का तबादला (Transfer) नहीं हो जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
बैठक में वकीलों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए निर्णय लिया कि सोमवार से केवल अदालती कामकाज का बहिष्कार ही नहीं किया जाएगा, बल्कि कोर्ट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा। सोमवार से सभी न्यायिक अदालतें (Judicial Courts) बंद रहेंगी। इतना ही नहीं सभी राजस्व अदालतें (Revenue Courts – तहसील व एसडीएम कोर्ट) का भी पूरी तरह बहिष्कार रहेगा।
आम लोगो को होगी परेशानियां
राजस्व अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों की अदालतों में कामकाज ठप होने से जमीन की रजिस्ट्री, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र, पेशियां और कानूनी मामलों के लिए आने वाले आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
राजनेताओंं तक शिकायत पहुंची: बार प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि एसडीएम के व्यवहार और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर वकील लंबे समय से मानसिक रूप से आक्रोशित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वकील इस मामले को लेकर स्थानीय सांसद और उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। इसके के चलते मजबूर उनकों यह कदम उठाना पडा











