Setback for ‘Mission Olympic: हरियाणा को खेलों की नर्सरी कहा जाता है, लेकिन रेवाड़ी जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रस्तावित एक महत्वाकांक्षी परियोजना पिछले एक साल से प्रशासनिक फाइलों में दबी हुई है। गांव ततारपुर इस्तमुरार स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में बनने वाला खेल उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence in Sports) एक साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर नहीं उतर सका है। अगर यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती, तो अब तक जिले के सरकारी और निजी स्कूलों के सैकड़ों उभरते खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाता। Setback for ‘Mission Olympic
नेटबॉल और कबड्डी खिलाड़ियों को मिलना है उच्चस्तरीय प्रशिक्षण
जिले के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने के मकसद से इस सेंटर में विशेष रूप से नेटबॉल और कबड्डी के खिलाड़ियों के लिए उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधाएं विकसित की जानी हैं। करीब एक साल पहले पंचकूला से आई एक विशेष तकनीकी टीम ने स्कूल परिसर का दौरा कर भूमि, खेल के मैदानों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत सर्वे किया था। टीम की हरी झंडी के बाद प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन प्रशासनिक लेती-लतीफी के कारण अब तक यहाँ ईंट भी नहीं रखी जा सकी है।”

एक साल के बजट का इंतजार, जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
खेल अधिकारी एईओ भूपेंद्र ने बताया कि इस पूरी परियोजना की निगरानी सीधे पंचकूला मुख्यालय स्तर से की जा रही है। बजट जारी करने से लेकर निर्माण एजेंसी तय करने जैसे सभी प्रशासनिक निर्णय वहीं से होने हैं। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारी चाहकर भी निर्माण कार्य शुरू कराने में असमर्थ हैं।
इस सेंटर के बनने से न केवल स्कूल बल्कि पूरे रेवाड़ी जिले को खेल क्षेत्र में एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने की उम्मीद है। इस खेल उत्कृष्टता केंद्र का खाका बेहद बड़े स्तर पर तैयार किया गया है। : सेंटर शुरू होने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन और सेंटर की प्रगति की समीक्षा हर तीन माह में सीधे शिक्षा निदेशालय स्तर पर की जाएगी।
मजबूत बेस होगा तैयार
इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य आगामी ओलंपिक खेलों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का एक मजबूत ‘बेस पूल’ तैयार करना है, ताकि ‘मिशन ओलंपिक’ के तहत हरियाणा के खिलाड़ी देश के लिए अधिक से अधिक मेडल जीत सकें। इसके तहत स्कूल के खेल मैदानों को अत्याधुनिक लुक देना, अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सामग्री उपलब्ध कराना और स्पेशल डाइट व प्रशिक्षित कोचों की व्यवस्था करना शामिल है।
बता दे कि राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार (GMSSSS Tatarpur Istmurar), हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्थित एक प्रमुख सह-शिक्षा (Co-Ed) सरकारी विद्यालय है। 1953 में स्थापित यह विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध है और शिक्षा के उच्च स्तर तथा आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है। जिला रेवाड़ी का सबसे पुराना मॉडल स्कूल है।
“सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स के लिए शासन (सरकार) से मंजूरी तो काफी पहले मिल चुकी है, लेकिन धरातल पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। परियोजना की वर्तमान प्रगति या यह काम कब शुरू होगा, इसे लेकर मुख्यालय से कोई नई गाइडलाइन या जानकारी हमें नहीं मिली है।”
— विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार।











