Haryana News: बावल: रेवाड़ी पुलिस की ओर से जिले भर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आईजीपी साउथ रेंज की स्पेशल टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने भारी मात्रा में अवैध शराब से भरी एक बंद बॉडी पिकअप गाड़ी को पकडी है। गाड़ी से कुल 177 पेटी अवैध शराब व बीयर बरामद की गई है। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर अदालत से 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
धारूहेड़ा में हो रही अवैध शराब की तस्करी
भले ही पुलिस की ओर से अवैध तस्करी पर शिकंजा सकने के लिए अभियान चलाया हुआ हो लेकिन अवैध तस्करी रूक नही रही है। दिनदहाडे धारूहेड़ा से शराब की कैंटर बावल पहुंच गई ओर टीम को कानों कान तक खबर नही लगी। गनीमत यही रही ही बावल में ये जांच के चलते पकडी गई अन्यया तस्कर अपने मकसद में कामयाब हो ही जाते।
जानिए कैसे पकड़ी अवैध शराब
आईजीपी साउथ रेंज स्पेशल स्टाफ टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि फिदेड़ी गांव का रहने वाला अविनाश एक बंद बॉडी की पिकअप गाड़ी में अवैध शराब भरकर धारूहेड़ा से बावल की ओर आ रहा है, जो बावल से होते हुए झाबुआ रोड की तरफ जाएगा। टीम ने तुरंत बावल थाना पुलिस के साथ मिलकर झाबुआ रोड पर विशेष नाकेबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी।
तलाशी में बरामद हुई 177 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब व बीयर
चेकिंग के दौरान जब संदिग्ध बंद बॉडी पिकअप गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम दंग रह गई। गाड़ी के भीतर बेहद चालाकी से भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाई गई थी। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान अविनाश (निवासी: गांव फिदेड़ी, रेवाड़ी) के रूप में बताई। पुलिस टीम ने तुरंत आबकारी विभाग (Excise Department) के इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
जब आरोपी अविनाश से शराब से संबंधित परमिट या वैध लाइसेंस मांगा गया, तो वह कोई भी कानूनी दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहा। इसके बाद थाना बावल में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत मुकदमा दर्ज करके उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और गाड़ी व शराब को ज़ब्त कर लिया गया।
तस्कर को लिया दो दिन रिमांड पर
पुलिस द्वारा आरोपी अविनाश को माननीय न्यायालय में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह शराब धारूहेड़ा में कहाँ से लोड की गई थी और इसे आगे कहाँ सप्लाई किया जाना था।













