रेवाड़ी DFSC ने तीन गांवों की सप्लाई सस्पेंड कर दी है। बताया जा रहा है बरसात में भीगा राशन सूखाकर सप्लाई किया जा रहा था। सोशल मिडिया पर जिसका एक वीडियो वायरल हो गया उसके बाद प्रशासन में हरकत में आया तथा कमेटी बनाकर जांच की। जांच में सामने आया कि डिपो होल्डर ने पानी में भिगने से खराब गेहूं और चीनी को BPL परिवारों में बांटने के लिए उसे सूखा दिया था।
तीन गांवों की सप्लाई सस्पेंड
टीम को मामला संज्ञान में आने के बाद DFSC की ओर से जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी ने मौका का निरीक्षण किया। जांच में पानी में भिगे राशन को सूखाने सहित कई प्रकार की खामियां पाई गई जांच में खामियां पाए जाने के बाद विभाग ने संबंधित डिपो होल्डर से जुड़े 3 डिपो की सप्लाई तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दी है।
कमेटी ने लिया निर्णय तो डिपो होल्उर की उडी नींद
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीएफएससी ने डिपो होल्डर के 3 डिपो की सप्लाई को सस्पेंड कर दिया। क्योकि होल्डर ने पानी में भिगने से खराब गेहूं और चीनी को BPL परिवारों में बांटने के लिए उसे सूखा दिया।अगर टीम होल्डर को नही रोका जाता तो वह चुपचान गीला गेहूं और चीनी सुखाकर बांट देता।
45 कट्टे गेहूं, 20 कट्टे चीनी
टीम ने बताय कि नई आबादी के डिपो होल्डर का सार्वजनिक वितरण का राशन अंबेडकर चौपाल में रखा हुआ था। पिछले सप्ताह आई बरसात में वहां रखें 45 कट्टे गेहूं और 20 कट्टे चीनी बरसात के पानी में भीग गए। जिससे बदबू आने लगी। डिपो होल्डर ने इसे बांटने के लिए सुखा दिया।
शिकायत के बाद जागा विभाग
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नितेश सिंगला ने बताया कि डिपो होल्डर के खिलाफ शिकायत मिली थी। कमेटी बनाकर जांच करवाइर् तो खामी पाई गई, जिसके बाद 3 डिपो सप्लाई आगामी आदेशों तक सस्पेंड कर दी है। जिनमें वार्ड 25 के डिपो के साथ नई आबादी और छिपटवाड़ा का डिपो शामिल है।













