सीआईएसफ से रिटायर्ड अधिकारियों और जवानों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। अधिकारी और जवानों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत हुई ह। अब पात्र पूर्व कर्मियों को कैंटीन से मिलने वाले शराब का कोटा लेने के लिए बार-बार कैंटीन का चक्कर नहीं लगाना होगा। इसके लिए एक नया पोर्टल लॉन्च किया गया है जिसका नाम CLMS ऑनलाइन पोर्टल है और इसके माध्यम से आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाएगी और शराब लेने के लिए या फिर कोई अन्य सामान लेने के लिए बार-बार कैंटीन का चक्कर नहीं लगाना होगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगी सुविधा
लाभ लेने के लिए सेवानिवृत्त CISF कर्मियों को CLMS पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। आवेदन के दौरान नाम, कर्मचारी संख्या, पद, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जन्म तिथि, पेंशन संबंधी जानकारी, सेवा अवधि और अंतिम तैनाती समेत अन्य जरूरी विवरण दर्ज करने होंगे। सभी जानकारी का सत्यापन होने के बाद ही संबंधित व्यक्ति को सुविधा का लाभ मिलेगा।
गलत जानकारी देने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रबंधन प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक आवेदन की जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गलत दस्तावेज या भ्रामक जानकारी देकर इस सुविधा का लाभ लेने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इससे केवल पात्र पूर्व कर्मियों तक ही योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।जानकारी के अनुसार, CISF मुख्यालय ने सभी सेक्टर कार्यालयों को अपने-अपने क्षेत्र से रिटायर हुए अधिकारियों और जवानों का अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों का डेटा तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द डिजिटल सुविधा से जोड़ना है।
सेवारत कर्मियों की भी बढ़ी उम्मीदें
फिलहाल यह ऑनलाइन व्यवस्था केवल सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों के लिए लागू की गई है। हालांकि, सेवा में कार्यरत कई कर्मियों ने भी मांग उठाई है कि लंबी छुट्टी या अवकाश के दौरान उन्हें भी इसी पोर्टल के माध्यम से अपने नजदीकी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कैंटीन से निर्धारित कोटा लेने की अनुमति दी जाए। इस मांग पर भविष्य में निर्णय लिया जा सकता है।नई ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से पूर्व CISF कर्मियों के लिए कैंटीन सुविधा का लाभ लेना पहले की तुलना में अधिक आसान होने की उम्मीद है। डिजिटल सत्यापन और ऑनलाइन रिकॉर्ड के जरिए प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













