Rewari News: रेवाड़ी के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। निर्माण कार्य में देरी के कारण स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, जिसका असर उनकी प्रतियोगी तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है।
भुगतान अटकने से आगे नहीं बढ़ पा रहा निर्माण
जानकारी के अनुसार, सिंथेटिक ट्रैक निर्माण से जुड़ा भुगतान समय पर जारी नहीं होने के कारण निर्माण एजेंसी ने फिलहाल काम शुरू नहीं किया है। वित्तीय प्रक्रिया पूरी न होने से पूरा प्रोजेक्ट रुका हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर जरूरी मंजूरी और भुगतान मिलने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ सकेगा।
रेवाड़ी के खिलाड़ियों को हो रही परेशानी
रेवाड़ी जिले के कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की तैयारी करते हैं, लेकिन आधुनिक सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
इससे समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यदि जिले में ही विश्वस्तरीय ट्रैक उपलब्ध हो जाए तो उनकी तैयारी और प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
राव तुलाराम स्टेडियम से जुड़ी हैं खिलाड़ियों की उम्मीदें
राव तुलाराम स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से जिले के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुरूप अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। हालांकि निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण खिलाड़ियों को अभी और इंतजार करना पड़ रहा है।
खेल विभाग ने भेजा पत्र, समाधान की उम्मीद
निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए जिला खेल अधिकारी ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर लंबित भुगतान और प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का अनुरोध किया है। विभाग को उम्मीद है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सकेगा।
प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं निगाहें
फिलहाल रेवाड़ी के खिलाड़ी, अभिभावक और खेल प्रेमी प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। यदि परियोजना जल्द शुरू होती है तो जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधा मिलेगी और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

















