शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

हरियाणा में राशन वितरण व्यवस्था बदली, अब परिवार नहीं बल्कि सदस्यों की संख्या के हिसाब से मिलेगा गेहूं

Written by: सुनील चौहान

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हरियाणा में राशन वितरण व्यवस्था बदली,  हरियाणा सरकार अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था लागू होने के बाद…


हरियाणा में राशन वितरण व्यवस्था बदली
हरियाणा में राशन वितरण व्यवस्था बदली
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हरियाणा में राशन वितरण व्यवस्था बदली,  हरियाणा सरकार अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब राशन का निर्धारण पूरे परिवार के बजाय परिवार में दर्ज पात्र सदस्यों की संख्या के आधार पर किया जाएगा।

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यदि यह व्यवस्था तय समय पर लागू होती है तो बड़े परिवारों को पहले की तुलना में अधिक गेहूं मिलेगा, जबकि कम सदस्यों वाले परिवारों को मिलने वाली मात्रा घट सकती है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस बदलाव को लेकर तैयारियां पूरी होने का दावा किया है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसे जल्द लागू किया जा सकता है।

सदस्य आधारित होगा राशन वितरण

अब तक अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रत्येक AAY राशन कार्ड पर हर महीने 35 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध कराया जाता था, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कम हो या अधिक। नई व्यवस्था में प्रत्येक पात्र सदस्य के लिए 7 किलोग्राम गेहूं निर्धारित किया जाएगा। इसका सीधा अर्थ है कि राशन की मात्रा परिवार के आकार के अनुसार तय होगी, जिससे वितरण प्रणाली अधिक संतुलित और जरूरत आधारित बन सकेगी।

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बड़े परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रस्तावित नियम के अनुसार पांच से अधिक सदस्यों वाले परिवारों को सबसे अधिक फायदा होगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार में छह सदस्य हैं तो उसे 42 किलोग्राम गेहूं मिलेगा, जबकि सात सदस्यों वाले परिवार को 49 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पांच सदस्यों वाले परिवार को पहले की तरह 35 किलोग्राम राशन मिलता रहेगा। इस बदलाव का उद्देश्य बड़े परिवारों की वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्हें पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।

छोटे परिवारों पर पड़ सकता है असर

नई व्यवस्था लागू होने के बाद दो, तीन और चार सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तुलना में कम गेहूं मिलेगा। दो सदस्य होने पर 14 किलोग्राम, तीन सदस्यों पर 21 किलोग्राम और चार सदस्यों वाले परिवार को 28 किलोग्राम गेहूं दिया जाएगा। इससे ऐसे परिवारों की राशन मात्रा में कमी आएगी, क्योंकि अब सभी को एक समान 35 किलोग्राम देने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

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सरकार ने बदलाव की बताई वजह

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का मानना है कि परिवार के आकार को नजरअंदाज कर एक समान राशन देना पूरी तरह न्यायसंगत नहीं है। कई बड़े परिवारों को उनकी जरूरत के मुकाबले कम खाद्यान्नखाद्यान्न मिल रहा था, जबकि छोटे परिवारों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिल जाता था। इसी असमानता को दूर करने के लिए सदस्य आधारित वितरण प्रणाली तैयार की गई है। विभाग का कहना है कि इससे राशन वितरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप हो सकेगा।

करीब ढाई लाख परिवार होंगे प्रभावित

राज्य में अंत्योदय अन्न योजना के तहत गुलाबी राशन कार्ड रखने वाले परिवारों की संख्या लगभग ढाई से पौने तीन लाख के बीच बताई जा रही है। ये वे परिवार हैं जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है और जो सरकारी खाद्यान्न सहायता के पात्र हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी परिवारों के राशन की मात्रा उनके कार्ड में दर्ज सदस्यों की संख्या के अनुसार तय की जाएगी।

विभाग ने पूरी की तैयारी

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। विभाग ने संबंधित रिकॉर्ड और लाभार्थियों के आंकड़ों का मिलान भी किया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नई प्रणाली के तहत राशन वितरण शुरू किया जा सकता है। इसके लिए राशन डिपो संचालकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने की प्रक्रिया जारी है।

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क्या होगा इसका असर?

नई नीति लागू होने के बाद राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जहां बड़े परिवारों को अतिरिक्त गेहूं मिलने से राहत मिलेगी, वहीं छोटे परिवारों को मिलने वाली मात्रा सीमित हो जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कदम संसाधनों के अधिक न्यायसंगत उपयोग और जरूरतमंद परिवारों तक सही मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाने की दिशा में उठाया गया है। आने वाले समय में इस नई व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव लाभार्थियों के अनुभव और वितरण प्रणाली की पारदर्शिता के आधार पर स्पष्ट होगा।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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