मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते है पूजा ?

Written by: सुनील चौहान

Published:

धारूहेड़ा (Best24News): धारूहेड़ा के सेक्टर-6 स्थित महाराणा प्रताप पार्क में राजपूत सभा बावल-रेवाड़ी के तत्वावधान में सामूहिक रूप से दशहरा पर्व एवं भव्य शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का…


धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा
धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा
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धारूहेड़ा (Best24News): धारूहेड़ा के सेक्टर-6 स्थित महाराणा प्रताप पार्क में राजपूत सभा बावल-रेवाड़ी के तत्वावधान में सामूहिक रूप से दशहरा पर्व एवं भव्य शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ से हुआ, जिसमें समाज के लोगों ने आहुति देकर क्षेत्र और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस खबर में हम ये भी बताएं तकि शस्त्र पूजन क्यों किया जाता है तथा इसी सही विधि क्या है।

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राजपूत सभा के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर चरण सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस सामूहिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारा, एकजुटता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने समाज के उत्थान और राष्ट्रहित में मिलकर कार्य करने का दृढ़ संकल्प लिया। हवन के उपरांत सनातन परंपरा के अनुसार विधि-विधान से शस्त्रों का पूजन किया गया। वक्ताओं ने विजयादशमी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शस्त्र और शास्त्र दोनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है, जो हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।

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धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा
धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा
जानिए क्यों करते है शस्त्र पूजन

हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति में शस्त्र पूजन (Shastra Pujan) की परंपरा अत्यंत प्राचीन और गरिमापूर्ण है। यह मुख्य रूप से विजयादशमी (दशहरा) और नवरात्रों के दौरान विशेष रूप से किया जाता है। शस्त्र पूजन करने के पीछे धार्मिक, पौराणिक, सांस्कृतिक और व्यावहारिक कई मुख्य कारण हैं।

धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा
धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा

1. अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने आश्विन शुक्ल दशमी के दिन ही लंकापति रावण का वध करके अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की थी। युद्ध में प्रयुक्त शस्त्रों को धन्यवाद देने और आगे भी धर्म की रक्षा के लिए शक्ति व शस्त्रों की पूजा करने की परंपरा इसी दिन से मानी जाती है।

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2. मां दुर्गा और शक्ति की उपासना
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करने के लिए 10 दिनों तक युद्ध किया था। देवताओं ने मां दुर्गा को अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र (जैसे त्रिशूल, चक्र, गदा, धनुष आदि) प्रदान किए थे। विजयादशमी के दिन असुरों का संहार करने वाले उन्हीं शस्त्रों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए शस्त्र पूजन किया जाता है।

धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा
धारूहेड़ा में राजपूत समाज ने किया शस्त्र पूजा, जानिए क्यों करते पूजा

3. ‘धर्म चक्र प्रवर्तनाय’ और राष्ट्र रक्षा की भावना
शस्त्र पूजन का मुख्य उद्देश्य केवल हिंसा या युद्ध को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि स्वरक्षा, समाज की सुरक्षा, धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए शस्त्र की आवश्यकता को स्वीकार करना है।

4. क्षत्रिय परंपरा और राजाओं का इतिहास
प्राचीन काल से ही क्षत्रिय व योद्धा समाज विजयादशमी के दिन अपने हथियारों, रथों, घोड़ों और युद्ध सामग्रियों की सफाई कर उनका पूजन करते आ रहे हैं। राजा-महाराजा इस दिन नए सैन्य अभियानों और युद्ध की शुरुआत (विजयादशमी को शुभ मुहूर्त मानकर) करते थे।

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ये रहे मोजूद: इस मौके पर संजय रजावत, रेवाड़ी प्रधान महेंद्र सिंह चौहान, बावल से प्रताप सिंह, भिवाड़ी से बैकुंठ सिंह, दीपक, श्याम सुंदर, जितेंद्र, गंगासिंह, सतबीर, महिला प्रधान सुशीला शेखावत, हरकेश, रमन, हरिओम, जसवंत, राहुल, योगेश और वीरेंद्र सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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