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रविवार, 1 नवम्बर 2026

Haryana News: NCR की सीमाओं में होगा बदलाव, ये 5 जिले होंगे बाहर, आज होगी बैठक

Written by: सुनील चौहान

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Haryana News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है यदि इस बैठक में प्रस्तावित पुनर निर्धारण योजना…


NCR की सीमाओं में होगा बदलाव, ये 5 जिले होंगे बाहर
NCR की सीमाओं में होगा बदलाव, ये 5 जिले होंगे बाहर
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Haryana News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है यदि इस बैठक में प्रस्तावित पुनर निर्धारण योजना को मंजूरी मिलती है  तो एनसीआर से कई जिलों को बाहर कर दिया जाएगा। सोमवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करने वाले हैं।

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100 किलोमीटर दायरे तक सीमित हो सकता है NCR

प्रस्ताव के अनुसार NCR क्षेत्र को दिल्ली के राजघाट से 100km के दायरे तक सीमित करने पर विचार किया जा रहा है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र मौजूद 25327 किलोमीटर है जो की घट कर 10546 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा यानी कि राज्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा एनसीआर से बाहर हो जाएगा।

आपको बता दे कि इसका ज्यादा प्रभाव महेंद्रगढ़ जिले पर पड़ सकता है। महेंद्रगढ़ का बहुत सारा हिस्सा एनसीआर क्षेत्र से बाहर हो सकता है।

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किन जिलों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

नए प्रस्ताव के लागू होने की स्थिति में महेंद्रगढ़, भिवानी, जींद, करनाल और पानीपत जैसे जिलों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इनमें से कुछ जिले पूरी तरह और कुछ आंशिक रूप से NCR क्षेत्र से बाहर हो सकते हैं। महेंद्रगढ़ को सबसे अधिक प्रभावित जिला माना जा रहा है क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा प्रस्तावित 100 किलोमीटर की सीमा से बाहर पड़ता है।

इसके अलावा जींद भी सीमा क्षेत्र में होने के कारण प्रभावित जिलों की सूची में शामिल है। वहीं करनाल और पानीपत को राष्ट्रीय राजमार्गों के कारण कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन पूरे जिले का NCR में बने रहना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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