
रेवाड़ी (Best24News) दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के बीच रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेवाड़ी से जयपुर तक नई रेल लाइन बनने की खबर बड़ी राहत लेकर आई है। प्रस्तावित 191 किलोमीटर लंबी रेल लाइन रेवाड़ी से नीमराणा, बहरोड़ और कोटपूतली होते हुए जयपुर तक जाएगी। इस परियोजना के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी गई है।
दिल्ली-जयपुर के लिए बनेगा वैकल्पिक रेल मार्ग: बता दे कि इस प्रस्तावित रेल कॉरिडोर को दिल्ली और जयपुर के बीच रेल यातायात का वैकल्पिक मार्ग माना जा रहा है। वर्तमान में इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों को मौजूदा रेल नेटवर्क पर यातायात के दबाव के कारण देरी का सामना करना पड़ता है। नई रेल लाइन बनने से ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने और यात्रियों का समय बचाने में मदद मिल सकती है।
रेल मंत्री से की मुलाकात: बुधवार को जयपुर ग्रामीण से भाजपा सांसद राव राजेंद्र सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति पर चर्चा की। प्रस्तावित मार्ग रेवाड़ी जंक्शन से शुरू होकर शाहजहांपुर, नीमराणा, बहरोड़, कोटपूतली, पावटा-प्रागपुरा और शाहपुरा होते हुए जयपुर तक पहुंचेगा।
ये भी पढ़ें:कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 की मौत, जांच के लिए SIT गठित
नीमराणा और कोटपूतली के उद्योगों को मिलेगा फायदा: नई रेल लाइन से नीमराणा और कोटपूतली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिलने की संभावना है। नीमराणा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां कई जापानी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां काम कर रही हैं। रेल कनेक्टिविटी विकसित होने से माल ढुलाई के विकल्प बढ़ सकते हैं और परिवहन लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
कोटपूतली के औद्योगिक और सीमेंट कारोबार को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा हरियाणा और राजस्थान के बीच व्यापार तथा रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। नई लाइन से दिल्ली-एनसीआर, जयपुर और आगे गुजरात तथा महाराष्ट्र की ओर जाने वाले रेल नेटवर्क पर भी असर पड़ सकता है।
ये भी पढ़ें:दिल्ली-NCR में अब देखते ही इंपाउंड होगें ये वाहन, 10 लाख जुर्माना वाला वाहन जब्त
नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को राहत की उम्मीद: बता दे इस परियोजना से रेवाड़ी, नीमराणा, बहरोड़ और कोटपूतली के आसपास रहने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को इस परियोजना से विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। दिल्ली-एनसीआर और जयपुर के बीच नियमित आवाजाही करने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त रेल मार्ग उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यात्रा में एक से डेढ़ घंटे की बचत और राजधानी या तेजस जैसी ट्रेनों के इस मार्ग से संचालन से हरियाणा राजस्थान गुजरात को फायदा मिलेगा।
