रेवाड़ी के राजनीती में एक बार फिर से गर्माहट देखने को मिल रही है। अभी कुछ समय पहले ही धारूहेड़ा क्षेत्र में हाल ही में हुए विकास कार्यों के उद्घाटन के बाद अब शिलापट्ट (फाउंडेशन स्टोन) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि जिन विकास कार्यों का उद्घाटन हुआ है उनकी शीला पट्टीकाओं पर उनका नाम नहीं शामिल है। उन्होंने इस बात को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है इसके साथ ही उनका कहना है कि अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
धारूहेड़ा क्षेत्र के कई गांवों में जिला परिषद की ओर से विभिन्न विकास कार्य पूरे होने के बाद उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिलापट्टिकाओं में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, जिला परिषद के पदाधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम दर्ज किए गए, लेकिन इसमें स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का नाम नहीं दिखा जिसके बाद रेवाड़ी के राजनीति में एक बार फिर से विवाद शुरू हो गया है।
विधायक लक्ष्मण यादव ने क्या कहा?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसका जो अधिकार है, उसे मिलना चाहिए। किसी का नाम जोड़ने या सम्मान देने से किसी का कद छोटा नहीं होता, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत होती हैं।उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में लगने वाला पैसा सरकार और जनता का होता है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं। इसलिए उद्घाटन या शिलान्यास से जुड़े कार्यक्रमों में सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों को उचित स्थान मिलना चाहिए।
प्रोटोकॉल को लेकर भी उठे सवाल
यह विवाद केवल शिलापट्ट तक सीमित नहीं रहा। हाल ही में धारूहेड़ा नगर पालिका के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी प्रोटोकॉल का मुद्दा चर्चा में रहा। जानकारी के अनुसार विधायक लक्ष्मण यादव ने दावा किया कि उन्हें कार्यक्रम के लिए विधिवत आमंत्रित नहीं किया गया, जिसके चलते उन्होंने समारोह से दूरी बनाई।बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान मौजूद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी अधिकारियों को सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन करने और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा नहीं करने की सलाह दी थी।
शिलापट्ट पर किन-किन के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित शिलापट्टिकाओं पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के नाम दर्ज हैं। इसी सूची में स्थानीय विधायक का नाम नहीं होने को लेकर विवाद सामने आया है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
मामला सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थक इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा विषय बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर भी सभी की नजर रहेगी। इसे राजनीतिक माहौल गर्म हुआ है साथ-साथ जनता के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है वहीं कुछ लोगों का मानना है कि रेवाड़ी की राजनीति में सब कुछ ठीक नहीं है।













