हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में नमी कम होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब प्रदेश में मौसम करवट लेने वाला है। रविवार से लेकर 5 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय होने की स्थिति बन रही है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों के दौरान अलग-अलग जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम में बदलाव के साथ उमस कम होने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
हरियाणा के इन तीन जिलों के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों के लिए तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज वर्षा के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।मानसून की धीमी रफ्तार का सबसे अधिक असर खेती पर दिखाई दे रहा है। धान सहित कई खरीफ फसलों को इस समय पर्याप्त नमी की आवश्यकता है। जिन इलाकों में लंबे समय से बारिश नहीं हुई है, वहां किसान ट्यूबवेल के सहारे सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे सिंचाई लागत भी बढ़ रही है।
फसलों को मिल सकती है राहत
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो धान और अन्य खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा। खेतों में प्राकृतिक नमी बढ़ने से सिंचाई पर निर्भरता कम होगी और पौधों की बढ़वार बेहतर हो सकेगी।पिछले दिनों तेज धूप और उमस के कारण दिन का तापमान सामान्य से अधिक महसूस किया गया। मौसम में बदलाव के साथ बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बारिश होने पर अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।













