रेवाड़ी के IGU में बाबू बालमुकुंद गुप्त की पत्रकारिता पर संगोष्ठी, हिंदी के प्रति समर्पण को किया याद

On: September 14, 2026 5:46 PM
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इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी।

रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में बाबू बालमुकुंद गुप्त के 119वें स्मृति दिवस और हिंदी दिवस के अवसर पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बाबू बालमुकुंद गुप्त पीठ, हिंदी विभाग तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें गुप्त जी के साहित्य और पत्रकारिता में योगदान तथा वर्तमान समय में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा की गई।

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी।

कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने अपने संदेश में कहा कि बाबू बालमुकुंद गुप्त की राष्ट्रचेतना, निर्भीक पत्रकारिता और हिंदी के प्रति समर्पण आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने विद्यार्थियों से गुप्त जी के आदर्शों और नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई।

मुख्य वक्ता सत्यवीर नाहड़िया ने कहा कि बाबू बालमुकुंद गुप्त ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में जागरूकता पैदा करने और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा, साहित्य और पत्रकारिता की परंपरा को समझने तथा तकनीक के बदलते दौर में पत्रकारिता के मूल्यों, सत्यनिष्ठा और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने की अपील की। एडवोकेट नरेश चौहान ने भी गुप्त जी की राष्ट्रवादी सोच और हिंदी के प्रति उनके समर्पण पर विचार रखे।

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक और विद्यार्थी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने की। उन्होंने कहा कि भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करती है। इस मौके पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजु पुरी ने हिंदी दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. नीलम निरपेक्ष के कविता संग्रह ‘बोलती खामोशियाँ’ का विमोचन भी किया गया।

विद्यार्थियों जया, जिया, रिद्धि, मनहर और मेघना ने बाबू बालमुकुंद गुप्त और हिंदी दिवस पर आधारित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. निखिलेश यादव ने सभी का आभार जताया। उन्होंने विद्यार्थियों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

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