हरियाणा (Best24News) वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप हरियाणा में अब एक बडा कदम उठाने जा रहे है। इसी को लेकर हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल सभी शहरों में पेट्रोल पंपों पर परिवहन विभाग आटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने जा रहे है। यहां पर तेल लेने आने वाले 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों और दस साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा।
1 अक्टूबर से नहीं मिलेगा तेल: हरियाणा के एनसीआर जिलों में 1 अक्टूबर 2026 से 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहन (End-of-Life Vehicles) पेट्रोल पंपों पर प्रतिबंधित किए जा रहे हैं, जिनकी पहचान के लिए वहां ANPR कैमरे लगाए जा रहे हैं।
विज ने बताया कि यह कार्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 2780 एएनपीआर कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। एक अक्टूबर से हरियाणा में पंजीकृत जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी। बता दे कि यह कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़कर बता देंगे कि वह कितना पुराना है। उसके बाद ये कार्रवाई होगी।
ANPR कैमरे क्या है?
यह कैमरे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रेकोनाइजेशन कैमरे होते हैं। इनको गाड़ियों के नंबर प्लेट को ऑटोमेटिक रूप से पढ़ने के लिए डिजाइन किया गया है। ANPR कैमरे खास तरह के होते हैं। इन्हें खासतौर पर हाईवे के टोल बूथ पर लगाया जाता है।
एएनपीआर कैमरों की क्या है खासियत: एएनपीआर (ANPR) कैमरे ऐसे विशेष स्मार्ट कैमरे हैं जो ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) तकनीक का उपयोग करके वाहनों की नंबर प्लेट को स्वतः पढ़ लेते हैं और उन्हें डिजिटल टेक्स्ट में बदल देते हैं। बता दें कि यह हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे से गुजरते हुए वाहन और उसकी नंबर प्लेट की साफ तस्वीर लेते हैं। सॉफ्टवेयर तस्वीर में लिखे गए नंबर और अक्षरों को पहचान कर उन्हें एक सेकंड से भी कम समय में टेक्स्ट डेटा में बदल देता है।
पहले चरण मे लगेंगे 775 एएनपीआर कैमरे: परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रथम चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 41 करोड़ 74 लाख रुपये खर्च होंगे।30 सितंबर तक गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 तथा फरीदाबाद में 116 एएनपीआर कैमरे लगाने का लक्ष्य है।
सरकार का उद्देश्य केवल एएनपीआर कैमरे स्थापित करना नहीं है, बल्कि इस तकनीक के माध्यम से पुराने एवं जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की प्रभावी पहचान करना तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित निर्धारित प्रावधानों को लागू करना है। एएनपीआर तकनीक के माध्यम से वाहनों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा तथा एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।













