रेवाड़ी। गुरुग्राम से रेवाड़ी के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे यानी NH-352W के पूरा होने के बाद इस रूट पर सफर आसान होने की उम्मीद है। करीब 43 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगा और इससे NH-48 पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है।
फिलहाल गुरुग्राम-रेवाड़ी के बीच आने-जाने वाले लोगों को NH-48 पर निर्भर रहना पड़ता है। सुबह और शाम के समय वाहनों का दबाव बढ़ने से कई जगह जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में NH-352W के शुरू होने के बाद ट्रैफिक का कुछ हिस्सा नए रूट पर जाने की उम्मीद है। इससे यात्रियों का समय बचने के साथ NH-48 पर वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है।
43 किलोमीटर लंबा है कॉरिडोर
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे का करीब 43 किलोमीटर हिस्सा इस परियोजना का महत्वपूर्ण भाग है। यह गुरुग्राम को पटौदी के रास्ते रेवाड़ी से जोड़ने का काम करेगा। इसकी कनेक्टिविटी द्वारका एक्सप्रेसवे और KMP एक्सप्रेसवे से भी होगी। इससे गुरुग्राम, न्यू गुरुग्राम, मानेसर, पटौदी और रेवाड़ी के बीच आने-जाने वालों को अतिरिक्त मार्ग मिलेगा।नए कॉरिडोर से सिर्फ रोजाना सफर करने वाले लोगों को ही फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि गुरुग्राम-मानेसर और रेवाड़ी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों तथा माल ढुलाई को भी बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से इस क्षेत्र में कारोबार और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
45 मिनट में सफर का दावा कितना सही?
NHAI के रेवाड़ी प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक के मुताबिक, हाईवे पूरा होने के बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी के बीच सफर का समय करीब 45 मिनट तक रह सकता है। हालांकि यह अनुमान है। वास्तविक यात्रा का समय ट्रैफिक, मौसम, सड़क की स्थिति और वाहन की गति पर निर्भर करेगा।
हाईवे शुरू होने के बाद गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच यात्रियों को एक नया विकल्प मिलेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि NH-48 पर निर्भरता कम हो और जाम की स्थिति में लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिल सके।
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