हरियाणा सरकार ने क्लर्क संवर्ग के कर्मचारियों के वेतन से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दे पर महत्वपूर्ण सुचना जारी की है। वित्त विभाग के नए आदेश के अनुसार अब पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि को उनके मूल वेतन में शामिल किया जाएगा। इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों की मासिक आय के साथ-साथ भविष्य में मिलने वाले कई वित्तीय लाभों में भी बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है।
पुरानी तारीख से मिलेगा लाभ, एरियर भी होगा देय
सरकार ने इस व्यवस्था को 8 फरवरी 2024 से प्रभावी माना है। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होगा, उन्हें संशोधित वेतन के साथ पिछली अवधि का एरियर भी मिलेगा। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ सभी कर्मचारियों को एक समान नहीं मिलेगा, बल्कि उनकी भर्ती और सेवा की स्थिति के आधार पर तय किया जाएगा।
वर्ष 2020 से पहले नियुक्त वरिष्ठ क्लर्कों को पे-लेवल या एसीपी के अनुसार तीन अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा।2020 में भर्ती हुए क्लर्कों के मूल वेतन में दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट जोड़े जाएंगे।चपरासी से पदोन्नत होकर क्लर्क बने कर्मचारियों को भी नियमानुसार प्रिजंप्टिव पे के आधार पर इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
बेसिक वेतन बढ़ने से बढ़ेंगे अन्य वित्तीय लाभ
चूंकि अतिरिक्त इंक्रीमेंट अब सीधे बेसिक पे का हिस्सा होगी, इसलिए महंगाई भत्ता (DA) सहित बेसिक वेतन पर आधारित अन्य वित्तीय लाभों में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है। भविष्य में होने वाले वेतन संशोधन और अन्य भुगतान भी बढ़े हुए मूल वेतन के आधार पर तय किए जाएंगे, जिससे कर्मचारियों को दीर्घकालिक फायदा मिलेगा।वित्त विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस बदलाव का कर्मचारियों की नियमित वार्षिक वेतन वृद्धि पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्हें हर वर्ष मिलने वाला सामान्य इंक्रीमेंट पहले से तय समय और नियमों के अनुसार ही मिलता रहेगा।













