रेवाड़ी: आखिर कब रेवाड़ी को जलभराव से मिलेगी निजात? यही सवाल आज रेवाड़ी के जनता के दिमाग में चल रहा है। चुनाव के समय हर प्रत्याशी के द्वारा तमाम बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सभी चुनावी वादे कागजों में सिमट कर रह जाते हैं।
तैयारी हुई फेल जिले में भरा पानी
अभी कुछ समय पहले ही रेवाड़ी प्रशासन के द्वारा दावा किया जा रहा था कि इस साल रेवाड़ी जलमग्न नहीं होगा। जिले में पानी नहीं भरेगा लेकिन सभी वादे पानी की तरह बह गए और रेवाड़ी में एक बार फिर से हर साल के जैसे बाढ़ आ गया है।
मानसून के शुरुआत में ही डूब गया रेवाड़ी
लोग यही सोच रहे हैं कि अभी तो मानसून की पहली बारिश है अभी एक से डेढ़ महीने तक बरसात होती रहेगी तो आने वाले समय में जिले का क्या हाल होगा। कई रिहाइसी इलाकों में भी पानी भर चुका है। कई जगह पर तो दुकानों में भी पानी घुस चुका है जिसकी वजह से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मानसून की शुरुआत में ही रेवाड़ी में इतना ज्यादा पानी भर गया है और अभी तो बारिश एक से डेढ़ महीने तक होती रहेगी। कई मुख्य मार्गों पर जल भराव के वजह से अब राहगीरों को सफर करने में दिक्कत होने लगी है।
चुनाव के समय जनता से तमाम बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन हर साल की तरह इस साल में सभी वादे फेल होते नजर आ रहे हैं। जगह-जगह पानी भरने से अब जिले में डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगा है। जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा डेंगू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
सड़कों पर आया नाली का गंदा पानी
कई सड़कों पर तो नालियों का गंदा पानी भर चुका है। नालियों का गंदा पानी भरने से लोगों को एक तरफ जल भराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ गंदगी और बदबू से भी लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
कई इलाकों में डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। ऐसे में लोगों के दिमाग में यही सवाल है कि क्या चुनावी वादे कागजों में सिमट चुके हैं? अब देखना होगा कि कब तक रेवाड़ी को इस जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलती है।मुख्य प्रभावित क्षेत्रों में डबल फाटक अंडरपास (जहां 4-5 फीट तक पानी भर गया), नाईवाली चौक, नागरिक अस्पताल के सामने, धारूहेड़ा चुंगी, सर्कुलर रोड, और महाराणा चौक शामिल हैं।













