रेवाड़ी जिले में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाले 16 निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके एमआईएस पोर्टल बंद कर दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि निर्धारित नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को अब जवाब देना होगा।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
विभागीय जांच के दौरान पता चला कि कुछ निजी स्कूलों ने आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं की। इसके अलावा कई स्कूलों के रिकॉर्ड और मान्यता संबंधी दस्तावेज भी अधूरे पाए गए, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
कारण बताओ नोटिस के बाद तय होगी अगली कार्रवाई
शिक्षा विभाग 13 जुलाई से संबंधित सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। स्कूल प्रबंधन से जवाब मिलने के बाद विभाग तय करेगा कि मामला केवल चेतावनी तक सीमित रहेगा या फिर नियमानुसार आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
नए दाखिलों पर लगी रोक
एमआईएस पोर्टल बंद होने के कारण संबंधित स्कूल फिलहाल नए विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण और प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि पहले से पढ़ रहे छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SLC) जारी करने की सुविधा जारी रहेगी।
नियमों के पालन का दिया स्पष्ट संदेश
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी निजी स्कूलों को आरटीई से जुड़े प्रावधानों का पूरी तरह पालन करना होगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जाएगी और नियमों की अनदेखी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।













