रेवाड़ी मोनू हत्या: कहते हैं प्यार अंधा ही नहीं, बल्कि बहरा और बेरहम भी होता है। रेवाड़ी के कसोला थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पत्नी (तन्नू) ने अपने सात फेरे लेने वाले पति (मोनू) को रास्ते से हटाने के लिए अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पत्नी चाहती थी कि यह हत्या एक आत्महत्या या हादसा बन जाए, ताकि वह बाद में अपने प्रेमी के साथ जिंदगी बिता सके। हालांकि परिजनों के सहयोग व कसोला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस पूरी खूनी साजिश के मास्टरमाइंड यानी पत्नी के प्रेमी सोनू को भी काबू कर लिया है।
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8 जून को रची गई थी खूनी साजिश
रेवाड़ी की कसोला पुलिस ने मोनू हत्याकांड में मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी के प्रेमी सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। बता दे कि आरोपी सोनू ने अपनी प्रेमिका तन्नू के साथ मिलकर हत्या का पूरा ताना-बाना बुना था। 8 जून की शाम को सोनू ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर मोनू का दम घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया।

दो दिन बाद साहलावास के पास नहर में मिला था शव
बता दे मोनू 8 जून को घर से स्कूटी लेकर निकला था। जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने कसोला थाने में मुगशुदी की मामला दर्ज भी करवाया था। लेकिन दो दिन बाद 10 जून को आसलवास के पास नहर से मोनू का शव बरामद हुआ था। वही नहर के पास उसकी स्कूटी खडी थी। लेकिन मोनू की जेब से उसका मोबाइल गायब था। बस यही गल्ती तन्नू की थी जिससे राज खुला ओर हत्यारो तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 2 जुलाई को मृतक की पत्नी तन्नू और प्रेमी के एक दोस्त को गिरफ्तार कर मर्डर का भंडाफोड़ किया था।
मोबाइल चैट ने खोल दिए सारे राज’
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में मोबाइल फोन ने सबसे अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने वारदात के बाद 11 जून को मोनू का मोबाइल उसके परिजनों को सौंपा था। परिजनों ने जब फोन की जांच की, तो उसमें तन्नू की अपने पति मोनू और प्रेमी सोनू के साथ की गई संदिग्ध चैट सामने आई। इसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत दी।

कसोला पुलिस ने जब उसके मोबाइल का डाट निकाला तो पुलिस चौक् गई। जांच पता चला कि 8 जून को तन्नू ने ही साजिश के तहत मोनू को अपनी ससुराल कसोली आने के लिए बुलाया था। मोनू जब रास्ते में था, तभी नहर के पास सोनू ने अपने साथियों हरिओम और अमन के साथ मिलकर मोनू का नाक और मुंह दबा दिया, जिससे वह बेसुध हो गया। उसी हालत में आरोपियों ने मोनू को नहर में फेंक दिया ताकि यह पूरा मामला एक हादसा लगे।
मुख्य आरोपी सोनू एक दिन के रिमांड पर, तीन पहले ही जेल में
पुलिस ने इस मर्डर मिस्ट्री के मुख्य आरोपी मुंडनवास कमालपुर निवासी सोनू को गिरफ्तार कर कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाएगी। बता दें कि इस मामले में आरोपी पत्नी तन्नू, हरिओम और अमन पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं और सलाखों के पीछे हैं।

970 दिन की शादी में महज 19 दिन रही ससुराल
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। मोनू और तन्नू की शादी को करीब 970 दिन हो चुके थे, लेकिन तन्नू अपनी ससुराल में महज 19 दिन ही रही थी। वह ज्यादातर समय अपने मायके में ही रहती थी और वहीं उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या का षड्यंत्र रचा था। आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल का सारा डेटा और रिकॉर्ड भी साफ (Delete) कर दिया था, लेकिन तकनीकी जांच और छोटी सी लापरवाही ही इस खूनी खेल के खुलासे का मुख्य कारण बन गई।













