
Haryana News: दिल्ली रोड स्थित जिला पुलिस लाइन में मंगलवार को पुलिस स्मृति एंव झंडा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में आईजीपी साउथ रेंज रेवाड़ी नाजनीन भसीन, एसपी रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविन्द्र सिंह, डीएसपी सिटी श्री जोगेंद्र शर्मा, डीएसपी बावल श्री सुरेन्द्र श्योराण, डीएसपी ट्रैफिक श्री पवन कुमार, डीएसपी कोसली विद्यानन्द सहित अन्य अधिकारियों व जवानों ने शहीद हुए पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवानों का भावपूर्ण स्मरण किया।Haryana News
इस दौरान पिछले 1 वर्ष में शहीद हुए 191 जवानों के नाम पढे गए और सभी शहीद जवानों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा एक दुसरे की शर्ट पर पुलिस ध्वज लगाकर पुलिस झंडा दिवस मनाया।
शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर आईजीपी साउथ रेंज रेवाड़ी श्रीमती नाजनीन भसीन, आईपीएस ने वीर जवानों की कुर्बानी से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि शहीदों की कुर्बानी को कभी नहीं भुलाया जा सकता। शहीदों की बदौलत ही हम आज आजादी की हवा में सांस ले रहे है तथा दुश्मनों से देश की सीमाएं सुरक्षित है।
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उन्होंने कहा कि देश में पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को केन्द्रीय आरक्षी पुलिस बल के दस जवानों ने लद्दाख में देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए चीन की सेना के साथ हुई मुठभेड़ में अपने प्राण बलिदान किए थे। उन पुलिसकर्मियों का अंतिम संस्कार हॉट स्प्रिंग्स में पूरे पुलिस सम्मान के साथ हुआ था। उन्ही शहीदों के सम्मान में हर साल 21 अक्टूबर को नेशनल पुलिस डे या पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है ।Haryana News
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ऐसे हुई स्मृति दिवस मनाने की शुरुआत :-जनवरी 1960 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षको का वार्षिक सम्मेलन हुआ था। इस सम्मेलन में लद्दाख में शहीद हुए उन वीर पुलिसकर्मियों और साल के दौरान ड्यूटी पर जान गंवाने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का फैसला लिया गया।Haryana News
वीर सपूतों की गौरव गाथा: वीर शहीद सपूतों की गौरव गाथा बताते हुए आईजीपी साउथ रेंज रेवाड़ी ने कहा कि जिले के रहने वाले एएसआई चन्द्रहास, एसआई रणबीर सिंह वा सिपाही माहीचंद अपने कर्तव्तयों का पालन करते हुए देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हुए शहीद हुए।Haryana News
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एसआई रणबीर सिंह 15 नवंबर वर्ष 2018 में सीआईए धारूहेड़ा में तैनात थे उसी समय कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर वह धारूहेड़ा कंपनी एरिया में हत्या के एक मामले में वांछित अपराधी को पकड़ने का प्रयास कर रहे थेHaryana News
उसी दौरान वांछित अपराधी ने एसआई रणबीर सिंह पर सीधे फायर कर दिया। गोली एसआई रणबीर सिंह के पेट में लगी थी। जिससे एसआई रणबीर सिंह शहीद हो गए। वहीं एएसआई चन्द्रहास 17 मार्च वर्ष 1997 को गुरुग्राम में तैनात थे और गुरुग्राम में कुख्यात अपराधियों की धरपकड़ करने के दौरान व अपराधियों द्वारा सीधे गाड़ी चढा देने पर वीरगति को प्राप्त हो गए।
वहीं सिपाही माहीचंद 01 नवंबर वर्ष 1970 को 2nd बटालियन में तैनात थे और कानून व्यवस्था ड्यूटी के लिए पश्चिम बंगाल गए हुए थे जो नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए।
इस अवसर पर आईजीपी साउथ रेंज रेवाड़ी नाजनीन भसीन ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन हर समय उनके साथ है। वहीं तीनो शहीद परिवार ने कहा कि आज उन्हें अपने शहीदों की कुर्बानी का बिल्कुल भी गम नहीं बल्कि गर्व है कि उनकी जान देश की रक्षा के काम आई।Haryana News
