सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित सतलोक आश्रम धनाना धाम एक बार फिर एक बडा कारनामा सामने आय है। आश्रम में 11 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म कर दिया। । बाल कल्याण समिति (CWC) की पहल पर बरोदा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुकर्म आरोपी सेवादार सचिन को गिरफ्तार कर लिया है।
फिर चर्चा में आया आश्रम: यह आश्रम पहले ही अपने गलत कारनामो को लेकर चर्चा में है। एक बार कुकर्म को लेकर चर्चा में आ गया है। पुलिस और CWC के अनुसार पीड़ित बच्चा अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश से सतलोक आश्रम में सेवा के लिए आया था। घटना 22-23 सितंबर की दरमियानी रात की बताई जा रही है, जिसके बाद आश्रम के ही एक सेवादार ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।
जानिए क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश निवासी एक श्रद्धालु 19 सितंबर को अपने दो बच्चों के साथ गोहाना के गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में सेवा के लिए पहुंचे थे। उनका आरोप है 22 और 23 सितंबर की रात आश्रम में आए कांसडी गांव निवासी सचिन ने 11 साल के बच्चे के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही आश्रम परिसर से ही किसी सेवादार ने डायल-112 पर संपर्क साधा। सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे व उसके पिता को अपने संरक्षण में लिया। बाद में मामले की सूचना जिला बाल कल्याण समिति (CWC) को दी गई।
CWC की पहल पर दर्ज हुआ केस
मामले में शुरुआती मोड़ तब आया जब पीड़ित बच्चे के पिता ने लोक-लाज या अन्य दबाव के चलते औपचारिक शिकायत दर्ज कराने और बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराने से संकोच जताया। इसके बाद CWC अध्यक्ष अनीता शर्मा ने मामले का संज्ञान लिया।
बच्चे और उसके पिता को सपना बाल कुंज (खानपुर कलां) ले जाकर बच्चे की विशेष काउंसलिंग करवाई गई। बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे खानपुर स्थित भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज (PGI) में भर्ती कराया गया। CWC चेयरपर्सन अनीता शर्मा के बयान बरोदा थाना पुलिस ने 24 सितंबर को आरोपी सचिन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 10 के तहत एफआईआर दर्ज की। उसके बाद कुकर्म के आरोपी को सव
सुरक्षा को लेकर बडा सवाल: धार्मिक और आध्यात्मिक परिसरों में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि माता-पिता कई बार सामाजिक बदनामी के डर से कानूनी प्रक्रिया से पीछे हट जाते हैं, लेकिन इस घटना में बाल कल्याण समिति की सक्रियता ने साफ किया है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध में अभिभावकों की अनिच्छा के बावजूद संस्थागत शिकायत पर कानून अपना काम करता है।
जांच में जुटी पुलिस: फिलहाल बरोदा थाना पुलिस के अनुसार आरोपी सेवादार सचिन को गिरफ्तार कर 25 सितंबर को अदालत में पेश किया गया था जहां से उसे सीधे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस अब आश्रम परिसर के संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य गवाहों के बयानों की पड़ताल कर रही है। पता चला है मामले ऐसे कई बार हो चुकी है लेकिन लोक लाज चलते सेवक शिकायत नहीं करते है। ये मामला भी पीडित नहीं करवाना चाहते थे लेकिन उनकी कांउसलिंग करने के बाद ही ये कार्रवाई की गई है।
घटना सामने आने के बाद जब सतलोक आश्रम प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो आश्रम के मीडिया प्रतिनिधि ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। वहीं, आश्रम से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को भेजे गए संदेशों पर भी खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।












