रेवाड़ी: डॉ. सुधा यादव ने पति सुखबीर सिंह यादव की कारगिल युद्ध में शहादत के बाद वर्ष 1999 में राजनीति में कदम रखा। कर्नाटक की राज्यपाल बनने के बाद पहली बार डॉ. सुधा यादव रविवार को रेवाड़ी पहुंचेंगी। अपने दौरे की शुरुआत वह पैतृक गांव धामलावास से करेंगी। यहां वे कारगिल युद्ध में शहीद हुए अपने पति, डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देंगी।
जानिए राज्यपाल का राजनीतिक सफर: बता दें कि डॉ. सुधा यादव ने पति सुखबीर सिंह यादव की कारगिल युद्ध में शहादत के बाद वर्ष 1999 में राजनीति में कदम रखा। भाजपा ने उन्हें महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह को हराकर पहली बार संसद में जगह बनाई। वर्ष 2004 में महेंद्रगढ़ और 2009 में गुड़गांव से चुनाव लड़ा, लेकिन दोबारा जीत नहीं मिली। चुनावी हार के बावजूद वे भाजपा संगठन में सक्रिय रहीं। अब कर्नाटक के राज्यपाल पद तक पहुंची हैं।
16 अक्टूबर 2026 को ली थी शपथ: डॉ. सुधा यादव के पति सुखबीर सिंह यादव सीमा सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट थे और वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। पति की शहादत के बाद डॉ. सुधा यादव सार्वजनिक जीवन में आईं। वह महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। 16 अक्टूबर 2026 को उन्होंने कर्नाटक के राज्यपाल पद की शपथ ली थी। राज्यपाल बनने के बाद अपने गृह क्षेत्र के पहले दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता है। उनके कार्यक्रम में धामलावास में शहीद को श्रद्धांजलि और सरपंच के गृह प्रवेश समारोह में शामिल होना प्रमुख रूप से शामिल है।
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रेवाड़ी की रहने वाली है राज्यपाल डॉ. सुधा यादव: राज्यपाल डॉ. सुधा यादव का जन्म 16 अक्तूबर 1965 को रेवाड़ी के गांव मोल्हड़ा कलां में हुआ। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी रहीं डॉ. सुधा यादव ने रसायन विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने आईआईटी रुड़की से वर्ष 1987 में एमएससी और 1992 में पीएचडी की उपाधि हासिल की। उन्हें राष्ट्रपति गाइड पुरस्कार भी मिल चुका है।
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