
कोसली: कोसली में करीब 11.57 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे नए बस स्टैंड के नामकरण को लेकर एक बार फिर विवाद बढता ही जा रहा है। कोसली और भाकली गांव के बीच विवाद इतना गहरा गया कि दोनो गांवो के लोग अपनी अपनी मांगो को लेकर सड़कों पर आ गए है। मंगलवार को कोसली विकास मंच के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और बस स्टैंड का नाम कोसली के नाम पर ही रखने की मांग की।
कोई नया नही दोनो गांवो में टकराव: ‘ मृदा एवं जल प्रयोगशाला, किसान भवन और रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर भी दोनों गांवों के बीच विवाद हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, 13 अगस्त 2014 को समझौते के बाद विवाद थमा था। अब नए बस स्टैंड के नामकरण ने पुराने मुद्दे को फिर हवा दे दी है।
मंच अध्यक्ष तेजपाल यादव ने कहा कि बस स्टैंड पहले से कोसली के नाम से संचालित है। पुराना भवन जर्जर होने के कारण इसका दोबारा निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए नाम बदलने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि दोनों गांवों के बीच वर्ष 2014 में परियोजनाओं के नामकरण को लेकर समझौता हो चुका है।इससे पहले 21 अक्टूबर को भाकली के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बस स्टैंड का नाम शहीद सत्यप्रकाश के नाम पर रखने की मांग की थी। 16 अक्टूबर को कोसली विधायक अनिल यादव ने नए बस स्टैंड के सब-डिपो का भूमि पूजन किया था।
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