शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

Rewari News: जिले में अब निजी स्कूलों के तर्ज पर कॉलेजों में होगी पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग

Written by: सुनील चौहान

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Rewari News:  रेवाड़ी में निजी स्कूलों के तर्ज पर अब सरकारी और निजी महाविद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। उच्चतर शिक्षा विभाग…


जिले में अब निजी स्कूलों के तर्ज पर कॉलेजों में होगी पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग
जिले में अब निजी स्कूलों के तर्ज पर कॉलेजों में होगी पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग
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Rewari News:  रेवाड़ी में निजी स्कूलों के तर्ज पर अब सरकारी और निजी महाविद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। उच्चतर शिक्षा विभाग के द्वारा शिक्षकों और पेरेंट्स के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का फैसला लिया गया है, ताकि छात्रों के पढ़ाई और भविष्य पर चर्चा किया जा सके।

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सूचना हुआ जारी

विभाग के द्वारा निर्देश जारी करके नए सत्र की शुरुआत करने का  जानकारी दिया गया है। मीटिंग के दौरान शिक्षक विद्यार्थियों के प्रदर्शन व्यवहार आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।

कॉलेज स्तर पर बढ़ेगी अभिभावकों की भागीदारी

अब तक अभिभावक-शिक्षक बैठकें मुख्य रूप से स्कूलों तक सीमित थीं, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि कॉलेज स्तर पर भी अभिभावकों की सहभागिता विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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उच्चतम शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से छात्रों के पढ़ाई पर पेरेंट्स के साथ-साथ शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रहेगा।

महाविद्यालय प्रशासन अपने स्तर पर अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए विशेष सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

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60 प्रतिशत उपस्थिति बनी चिंता का कारण

उच्चतर शिक्षा विभाग के अनुसार कई कॉलेजों में विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति लगभग 60 प्रतिशत तक सीमित है। इसे सुधारने के लिए अभिभावकों की सक्रिय भूमिका जरूरी मानी जा रही है। विभाग का मानना है कि कई विद्यार्थी नियमित कक्षाओं में आने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी कॉलेज उपस्थिति प्रभावित हो रही है।

विद्यार्थियों के विकास पर रहेगा फोकस

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेज जीवन के दौरान विद्यार्थियों में बौद्धिक, मानसिक और भावनात्मक परिपक्वता तेजी से विकसित होती है। ऐसे समय में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय विद्यार्थियों को सही दिशा देने में मददगार साबित हो सकता है।

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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