धारूहेड़ा: गांव सुनारिया में प्रशासनिक अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ गांव के पवित्र धार्मिक स्थल श्री श्याम मंदिर के ठीक आगे पंचायती जमीन पर लगातार दूषित पानी जमा हो रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि ग्रामीण इस समस्या को लेकर बीडीपीओ (BDPO), उपायुक्त (DC) और यहाँ तक कि मुख्यमंत्री की ‘सीएम विंडो’ (CM Window) पर भी चार बार शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
पंचायत की ओर से ही छोड़ा जा रहा है दूषित पानी
उपायुक्त को दी शिकायत में भूपेंद्र ने बताया कि करीब दो साल से खुद पंचायत की ओर से ही इस पंचायती जमीन पर गांव का दूषित और गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। मंदिर के ठीक सामने इस तरह गंदा पानी जमा होने के कारण न सिर्फ धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है, बल्कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थके ग्रामीण
वे इस विकट समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं। बीडीपीओ कार्यालय से लेकर जिला उपायुक्त तक को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। सरकार एक तरफ जहां स्वच्छता अभियान और जनसुनवाई के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ सुनारिया गांव में शिकायत देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा, जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
लगातार दूषित पानी जमा रहने के कारण पूरे इलाके में बदबू फैली हुई है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में महामारी और भयंकर बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।













