हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए वन मित्र योजना को लगातार मजबूत बना रही है। अब इस योजना के नियमों को पहले की तुलना में अधिक सरल कर दिया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल होकर पौधारोपण के जरिए अच्छी आय अर्जित कर सकें। यदि आप भी पौधे लगाकर कमाई करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
1000 पौधे लगाने पर लाखों रुपये तक की कमाई
वन मित्र योजना के तहत निर्धारित संख्या में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने पर सरकार की ओर से चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जाता है। यदि कोई वन मित्र करीब 1000 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण और संरक्षण करता है, तो वह चार वर्षों की अवधि में लगभग 1.70 लाख रुपये तक की राशि प्राप्त कर सकता है।
फतेहाबाद में हजारों लोगों ने कराया पंजीकरण
फतेहाबाद जिले में इस योजना के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। अब तक बड़ी संख्या में नागरिक वन मित्र के रूप में पंजीकरण करा चुके हैं, हालांकि सक्रिय रूप से काम करने वाले लोगों की संख्या अभी भी सीमित है। पिछले दो वर्षों के दौरान जिले में लाखों पौधों का रोपण किया गया है, जिसके लिए विभाग द्वारा लाखों रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
सरकार ने आसान किए योजना के नियम
योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब केवल बड़े पौधे लगाने की अनिवार्यता नहीं रही। छोटे पौधों का रोपण भी किया जा सकेगा। इसके अलावा पौधों के बीच निर्धारित दूरी में भी बदलाव किया गया है, जिससे एक ही क्षेत्र में अधिक संख्या में पौधे लगाए जा सकेंगे।
मोबाइल ऐप से होगा पूरा काम आसान
वन मित्र योजना के संचालन के लिए तैयार किए गए मोबाइल ऐप को भी पहले से अधिक सरल बनाया गया है। अब पौधों की जियो टैगिंग, फोटो अपलोड करने और उनकी प्रगति की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। इससे वन मित्रों को तकनीकी दिक्कतों का सामना कम करना पड़ेगा।
गड्ढा खोदने से लेकर देखभाल तक मिलेगा भुगतान
योजना के तहत पौधारोपण की प्रत्येक प्रक्रिया के लिए अलग-अलग आर्थिक सहायता दी जाती है। गड्ढा तैयार करने के लिए निर्धारित राशि, पौधा लगाने के लिए अलग भुगतान और पौधे को सुरक्षित एवं जीवित रखने पर मासिक प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। पौधों की देखभाल चार साल तक करनी होती है, जिसके दौरान तय मानकों के अनुसार भुगतान जारी रहता है।
अब निजी जमीन पर भी लगा सकेंगे पौधे
पहले यह योजना मुख्य रूप से सरकारी और पंचायत भूमि तक सीमित थी, लेकिन अब किसानों की निजी जमीन पर भी दी गई है। इसके लिए जमीन मालिक की लिखित सहमति आवश्यक होगी। इससे अधिक लोगों को इस योजना से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
वन मित्र बनने के लिए आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए तथा आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पात्र उम्मीदवार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकते हैं।













