शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

धारूहेड़ा: शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी ने हडताल कर्मियों को दिया समर्थन

Written by: सुनील चौहान

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धारूहेड़ा: शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी ने प्रदेश में नगर पालिका संघ के बैनर तले चल रही नगर पालिका कर्मचारी, सीवरमैन व दमकल कर्मियों की हड़ताल का भरपूर समर्थन किया है तथा…


धारूहेड़ा: शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी ने हडताल कर्मियों को दिया समर्थन
धारूहेड़ा: शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी ने हडताल कर्मियों को दिया समर्थन
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धारूहेड़ा: शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी ने प्रदेश में नगर पालिका संघ के बैनर तले चल रही नगर पालिका कर्मचारी, सीवरमैन व दमकल कर्मियों की हड़ताल का भरपूर समर्थन किया है तथा सरकार के दमनकारी रवैये की निंदा की है।कमेटी ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हड़ताली कर्मचारियों की समस्त मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की है।

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प्रेस को जारी बयान में कमेटी के अध्यक्ष सोशल एक्टिविस्ट कामरेड रमेश चंद्र एडवोकेट व सचिव राकेश सैनी ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेकेदारी प्रथा का खात्मा,समान काम समान वेतन, घर घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के लिए 30,000/- मासिक वेतन, जोखिम भत्ता, पुरानी पैंशन योजना, रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती, वर्दी,तेल व साबुन भत्ता तथा मुकद्दमों व निलंबन की वापसी की मांगें एकदम जायज है।जिसे सरकार को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

रमेश चंद्र एडवोकेट ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें एक व्यक्ति की मौलिक जरूरतों को पूरा करने और मानवीय गरिमा के अनुरूप ही है। ताकि व्यक्ति सम्मान के साथ जिंदा रहे और अपने बच्चों का पालन पोषण कर सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज बुलंद करने व हकों के लिए संघर्ष करने की आजादी बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के संविधान ने सभी को समान रूप से दी है। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा आंदोलनरत कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा जा रहा है।

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महिला मर्यादा का हनन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी द्वारा हड़ताली महिला कर्मचारी के पीछे लात मारना एक सभ्य समाज में अशोभनीय व्यवहार है।जिसकी इजाजत नहीं दी सकती। इतना ही नहीं सरकार आंदोलन का गला घोंटने के लिए एस्मा जैसे अंग्रेजों द्वारा बनाए गए काले कानून लागू कर रही है।जो कि सरकार का घोर निंदनीय कदम है। उन्होंने कहा कि क्या शहीद भगत सिंह जैसे महान बलिदानी वीरों ने ऐसी आजादी के लिए कुर्बानी दी थी ?

कमेटी ने सरकार से मांग की है कि हड़ताली कर्मचारियों की मांगें तुंरत स्वीकार करे और महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मियों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही की जाए।

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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