
Petrol-Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट युद्ध के वजह से कच्चे तेल के कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिसके बाद अब देश में पेट्रोल डीजल के रेट में भी बढ़ोतरी हो गई है। पेट्रोल के रेट में ₹3 और डीजल के रेट में ₹3 की बढ़ोतरी हुई है जिससे जनता के ऊपर महंगाई की मार पड़ी है।
एलपीजी गैस सिलेंडर के रेट में पहले ही बढ़ोतरी हुई थी और पेट्रोल डीजल के रेट में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मिडिल ईस्ट युद्ध के वजह से भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे चरमराने लगी है। सीधे-सीधे युद्ध का असर भारत पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
दैनिक खर्चों पर पड़ेगा सीधा असर (Petrol-Diesel Price Hike)
पेट्रोल डीजल के रेट में होने वाली बढ़ोतरी का सीधा असर दैनिक खर्चों पर देखने को मिलेगा। चाहे निजी वाहन हो या सार्वजनिक वाहन दोनों से सफर करने में अब ज्यादा पैसा देना होगा। आम जनता के ऊपर खर्च ज्यादा बढ़ जाएगा।
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सिर्फ आम जनता ही नहीं बल्कि व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है। माल ढुलाई के लिए बड़े पैमाने पर गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है और पेट्रोल डीजल के रेट में बढ़ोतरी होने से अब किराया भी काफी बढ़ जाएगा। लंबे समय से ऐसी खबर आ रही थी कि 5 स्टेट में होने वाले चुनाव के खत्म होने के बाद पेट्रोल डीजल के रेट में बढ़ोतरी होगी।
किसानों की बढ़ी चिंता
हरियाणा कृषि प्रधान राज्य माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में किसान डीजल आधारित मशीनों और सिंचाई उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत भी बढ़ेगी।
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किसानों का कहना है कि पहले से ही खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधनों की कीमतें बढ़ी हुई हैं, अब ईंधन महंगा होने से खेती करना और कठिन हो जाएगा। खासकर धान और अन्य फसलों की तैयारी में जुटे किसानों पर इसका अधिक असर देखने को मिल सकता है।
