नोएडा: उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए यमुना प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेक्टर-5 में प्रस्तावित ‘जापानी सिटी’ के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का शुभारंभ हो गया है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास लगभग 500 एकड़ भूमि पर ‘जापानी सिटी’ (Japan City) को विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 60% हिस्सा पूरा हो चुका है
किसानों से जमीन खरीद की सूची जारी
यमुना प्राधिकरण ने कल्लूपुरा गांव के 31 किसानों से भूमि खरीद की सूची प्रकाशित की है और इस पर 15 दिन के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं. यह जमीन सेक्टर-5 में विकसित होने वाली जापानी सिटी परियोजना के लिए आवश्यक है.
इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी कंपनियों का बनेगा हब
इस जापानी सिटी में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी, सोलर एनर्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की अग्रणी जापानी कंपनियों के आने की संभावना है. यह क्षेत्र भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा.Japanese City Noida
आधारभूत ढांचे के साथ जापानी परिवेश
सिटी का संपूर्ण विकास उत्तर प्रदेश सरकार और यमुना प्राधिकरण मिलकर करेंगे. इसमें सड़कों, बिजली, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसके अलावा यहां रहने वाले जापानी पेशेवरों के लिए जापानी संस्कृति के अनुकूल वातावरण और घर, स्कूल, अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
सेक्टर-4 में कोरियन, सेक्टर-5 में जापानी सिटी की योजना
यमुना प्राधिकरण (YEIDA) ने सेक्टर-4 में कोरियन सिटी और सेक्टर-5 में जापानी सिटी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है. दोनों शहरों के लिए कुल 760 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है.
भूमि अधिग्रहण पर होगा 2544 करोड़ रुपये खर्च
इस परियोजना के लिए कुल 2544 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के अनुसार इस लागत का 50 प्रतिशत (1272 करोड़ रुपये) उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी. जबकि बाकी 50 प्रतिशत यमुना प्राधिकरण खुद खर्च करेगा. किसानों से सीधी बातचीत और नियमों के तहत जमीन खरीदकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जा रहा है इस हाईटेक टाउनशिप और निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर (लगभग 10,000 से अधिक नौकरियां) पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
क्या कहता है प्रशासन?
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि “परियोजना का उद्देश्य जापानी निवेश को आकर्षित करना और नोएडा क्षेत्र को एशिया के हाईटेक उद्योगों का हब बनाना है.” उन्होंने कहा कि “परियोजना का कार्यान्वयन पारदर्शिता और किसानहित को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा.”











