शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अब जमीन रजिस्ट्री होगी मिनटों में! हरियाणा सरकार ने लॉन्च की Paperless Registry 2.0

Written by: सुनील चौहान

Published:

Paperless Registry 2.0: हरियाणा सरकार ने भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए "पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0" और नई ऑटोमेटेड इंतकाल व्यवस्था शुरू कर दी है।…


हरियाणा सरकार ने लॉन्च की Paperless Registry 2.0
हरियाणा सरकार ने लॉन्च की Paperless Registry 2.0
Google News Follow us on Google

Paperless Registry 2.0: हरियाणा सरकार ने भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए “पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0” और नई ऑटोमेटेड इंतकाल व्यवस्था शुरू कर दी है। इस नई प्रणाली के लागू होने से जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएंगी। सरकार का उद्देश्य किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों को डिजिटल माध्यम से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

Advertisement

रजिस्ट्री के बाद इंतकाल के लिए नहीं लगाने होंगे अलग चक्कर

अब तक जमीन की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद इंतकाल करवाने के लिए लोगों को अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। नई व्यवस्था में यह परेशानी खत्म कर दी गई है। जैसे ही रजिस्ट्री पूरी होगी, इंतकाल की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे लोगों का समय बचेगा और सरकारी कार्यालयों पर निर्भरता भी कम होगी।

आधार e-KYC से बढ़ेगी सुरक्षा और पारदर्शिता

नई डिजिटल प्रणाली में आधार आधारित e-KYC को शामिल किया गया है, जिससे जमीन खरीदने और बेचने वाले पक्षों की पहचान की पुष्टि तुरंत हो सकेगी। इससे फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी की संभावनाओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही आवेदन प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में अधिक सरल बनाया गया है ताकि आम नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें।

Advertisement

ये भी पढ़ें:हरियाणा के हर पंचायत में खुलेगी ई-लाइब्रेरी

बायोमेट्रिक और डिजिटल सिग्नेचर से पूरी होगी प्रक्रिया

पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 के तहत दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकता, तो अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार वकील, डीड राइटर या सरकारी सहायता केंद्रों की मदद से दस्तावेज तैयार करा सकेंगे।

ऑनलाइन सत्यापन से कम होगा इंतजार

नई व्यवस्था में विभिन्न विभागों से मिलने वाली मंजूरियों और एनओसी की प्रक्रिया को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अब अलग-अलग कार्यालयों में दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभागों का सत्यापन ऑनलाइन होने से काम तेजी से पूरा होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें:कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किया कोसली मंडी का किया निरीक्षण

24 घंटे में हो सकेगा इंतकाल का निपटारा

सरकार का दावा है कि ऑटो इंतकाल प्रणाली लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान तेजी से किया जा सकेगा। जिन मामलों में भूमि विभाजन जैसी जटिलताएं नहीं होंगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल की मंजूरी मिलने की संभावना है। इससे किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

घर बैठे देख सकेंगे आवेदन की स्थिति

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अपने आवेदन और इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेज डाउनलोड करने और प्रिंट निकालने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे सरकारी कार्यालयों में भीड़ कम होगी और लोगों को घर बैठे सेवाओं का लाभ मिलेगा।

भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन में नई शुरुआत

पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 को हरियाणा की ई-गवर्नेंस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और नागरिकों को तेज व आसान सेवाएं मिलेंगी।

ये भी पढ़ें:इंतजार खत्म: AIIMS Rewari में शुरू होगी OPD , भालखी में 12 एकड़ में बनेगी अनाज मंडी: डॉ. कृष्ण कुमार

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

संबंधित खबरें

WhatsApp