
Gurugram: दिल्ली जयपुर हाईवे पर बिलासपुर स्थित निर्माणाधीन सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में सोमवार रात को बड़ा हादसा हो गया। काम करते समय मिट्टी की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। हादसे के समय मौके पर 15 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक मिट्टी भरभराकर गिरने से सात से अधिक मजदूर उसके नीचे दब गए। जिनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन घायल कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मची अफरा-तफरी : मिट्टी धसने से हुए हादसे को लेकर अपराधी बच गई मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे। सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए और दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
बता दे की निर्माणधिन बिल्डिंग पर 15 कर्मचारी कार्य कर रहे थे जैसे ही मिट्टी गिरी तो उसके नीचे 12 मजदूर दब गए। जिनमें से पांच मजदूरों को उसी समय निकाल दिया गया लेकिन 7 मजदुर काफी समय तक दबे रहे इसके चलते उनकी मौत हो गई।
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हादसे के बाद बचाव दल ने जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मिट्टी हटाकर मजदूरों को निकालने का प्रयास किया। अब तक सात मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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कुछ अन्य मजदूरों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया है, जिन्हें भिवाड़ी सहित आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा, क्योंकि आशंका जताई जा रही थी कि कुछ और मजदूर भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रशासन की ओर से भी पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। अल्लाह की प्रशासन में बिल्डर की ओर से अभी तक यह नाम नहीं बताए गए हैं कि किनकी की मौत हुई है फिलहाल जो मजदूर यहां पर काम करते थे उनके परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
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बड़ी लापरवाही: मिट्टी गिराने की जगह को देखने पर साफ-साफ होता है कि कहीं ना कहीं ठेकेदार के लापरवाही के चलते हुए हादसा हुआ है। इतना बड़ा मिट्टी का टीला गिराना बहुत बडी लापरवाही है। इतना ही नहीं श्रमिकों को निकालने में भी काफी देरी हो गई जिसके चलते चलते 7 मजदूरो ने दम तोड़ दिया अगर समय रहते जल्दी निकल जा सकता था तो बड़ा हादसा नहीं होता।
नियम ताक पर: किसी भी बिल्डिंग को बनाते समय सरकार की ओर से कई सुरक्षा नियम दिए जाते हैं लेकिन आजकल बिल्डरों की पहुंच के चलते हुए ठेकेदारों की मनमानी के चलते सुरक्षा नियम ताक रखे जाते हैं ।सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते ही ये बड़ा हादसा हुआ है ।अगर सावधानी से कार्य किया जाता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता सबसे है बात यह है कि हादसा होने के बाद प्रशासन श्रमिकों की सुनाई नहीं करता बल्कि ठेकेदार को सही मानते हुए मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जाता है। तेजी से बढ़ते जा रहे भ्रष्टाचार के चलते आज इन मजदूरों की मौत को लेकर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
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