शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

Unmarried Girls Village: दुनिया का अनोखा गांव जहां सैंकड़ों लड़कियां बैठी कुंवारी, इस शर्त को सुनकर भाग जाते है लड़के

Written by: सुनील चौहान

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 Unmarried Girls Village: दुनिया में आज भी कई ऐसे गांव हैं जो अपनी अनोखी परंपराओं, संस्कृति और जीवनशैली के कारण चर्चा में रहते हैं. ब्राजील का एक छोटा सा गांव “नोइवा दो…


 Unmarried Girls Village: दुनिया में आज भी कई ऐसे गांव हैं जो अपनी अनोखी परंपराओं, संस्कृति और जीवनशैली के कारण चर्चा में रहते हैं. ब्राजील का एक छोटा सा गांव “नोइवा दो कोरडेएरो” (Noiva do Cordeiro) भी इन्हीं में से एक है. जहां की कहानी हर किसी को हैरान कर देती है.

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भारत सहित दुनिया में एक से बढ़कर एक गांव मौजूद है, जहां की परंपरा और रीति रिवाज इन्हें बाकी सभी से अलग बनाती है। धरती पर ऐसी बहुत सारी चीज होती हैं, जिन पर विश्वास कर पाना बहुत ही मुश्किल होता है, लेकिन यही अनोखी परंपरा यहां के इतिहास को बरकरार रखती है।

खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसा है यह गांव
ब्राजील के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बसा यह गांव चारों ओर से हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है. लेकिन यहां रहने वाली करीब 600 युवतियों की जिंदगी एक अजीब उलझन में फंसी है – इन्हें शादी के लिए योग्य वर ही नहीं मिल रहे.

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क्यों नहीं हो पा रही इन लड़कियों की शादी?
इस गांव की लड़कियों की आयु 20 से 35 वर्ष के बीच है और ये सभी पढ़ी-लिखी, मेहनती और आत्मनिर्भर हैं. गांव में ये महिलाएं खेती-बाड़ी करती हैं. घर संभालती हैं और आपसी सहयोग से गांव का संचालन करती हैं. लेकिन इनकी शादी न हो पाने के पीछे दो प्रमुख वजहें हैं.

वजह 1: गांव में अविवाहित पुरुषों की भारी कमी
नोइवा दो कोरडेएरो गांव में अविवाहित पुरुषों की संख्या नगण्य है. यहां अधिकतर पुरुष या तो पहले से शादीशुदा हैं या इस गांव से बाहर काम के सिलसिले में चले गए हैं. लड़कियों के लिए योग्य जीवनसाथी का मिलना यहां लगभग नामुमकिन सा हो गया है.

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वजह 2: लड़कियों की शर्त
इस गांव की लड़कियां चाहती हैं कि शादी के बाद पति उन्हीं के गांव में आकर बसे और वहां के स्थानीय नियमों और संस्कृति का पालन करे. इनका साफ कहना है कि वे शादी के बाद अपना गांव, अपनी आजादी और जीवनशैली छोड़ना नहीं चाहतीं.

महिलाएं चलाती हैं पूरा गांव
नोइवा दो कोरडेएरो में महिलाएं ही सामाजिक व्यवस्थाएं और फैसले लेती हैं. यहां की महिलाएं पुरुषों द्वारा बनाए नियमों को मानने को तैयार नहीं हैं. उनका मानना है कि वे अपनी शर्तों पर जीवन जीना चाहती हैं और किसी पुरुष की अधीनता स्वीकार नहीं करेंगी.

आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान इनकी ताकत
इस गांव की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं. बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी मजबूत हैं. खेती से लेकर रोजमर्रा के सभी निर्णय ये खुद लेती हैं. यही कारण है कि वे ऐसे पुरुष को ही पति बनाना चाहती हैं जो उनके जीवन के तरीकों को सम्मान दे.

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दुनिया को भेजा गया है प्रस्ताव
बीते वर्षों में इस गांव की लड़कियों ने दुनिया भर के अविवाहित पुरुषों से आग्रह किया था कि वे यहां आकर बसें और उन्हें बेहतर जीवनसाथी बनाएं. लेकिन उनकी शर्तें और संस्कृति की विशिष्टता कई पुरुषों को हिचकिचाहट में डाल देती है.

अनोखा है लेकिन प्रेरणादायक भी
हालांकि यह स्थिति अजीब जरूर लगती है. लेकिन इस गांव की महिलाओं की एकजुटता, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान प्रेरणादायक है. आज जहां समाज में महिलाएं कई स्तरों पर संघर्ष कर रही हैं. वहीं इस गांव की महिलाएं स्वतंत्र रूप से अपना भविष्य तय कर रही हैं.

क्या भविष्य में कुछ बदलेगा?
हालांकि अभी तक इस गांव की ज्यादातर युवतियां अविवाहित हैं. लेकिन आने वाले समय में यदि कोई ऐसा पुरुष मिलता है जो उनके विचारों और जीवनशैली का सम्मान करता हो, तो यहां की महिलाओं को जीवनसाथी मिलने में सहूलियत हो सकती है.

 

अब तक इनके कुंवारे रहने की वजह इन लड़कियों की शर्त है। जिसके तहत शादी के बाद पति उन्हें के गांव में आकर बसे और वहां के स्थानीय नियम और संस्कृति का पालन करें। इन लड़कियों का साफ कहना है कि वह शादी के बाद अपना गांव, आज़ादी और अपने यहां के नियम नहीं छोड़ना चाहती हैं। यहां की लड़कियां पुरुषों द्वारा बनाए गए नियमों को नहीं मानना चाहतीं।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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