फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच सफर होगा बेहद आसान, नमो भारत कॉरिडोर से 20 मिनट में तय होगी दूरी

On: July 30, 2026 4:50 PM
Follow Us:
फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच सफर होगा बेहद आसान

NCR में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक तेज, आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए प्रस्तावित नमो भारत आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर की योजना अब आगे बढ़ रही है। हरियाणा सरकार द्वारा कॉरिडोर की अंतिम अलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है। इसके पूरा होने पर लाखों यात्रियों का रोजाना सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

करीब 64 किलोमीटर लंबा होगा हाई-स्पीड कॉरिडोर

प्रस्तावित आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 64 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जिसमें से करीब 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना चार बड़े शहरों के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही यात्रियों को मेट्रो नेटवर्क से भी जोड़ने की योजना बनाई गई है, ताकि लंबी दूरी और शहर के भीतर यात्रा दोनों सुविधाजनक बन सकें।

फरीदाबाद से गुरुग्राम का सफर केवल 20 मिनट में

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यात्रा समय में होने वाली भारी कमी मानी जा रही है। वर्तमान में सड़क मार्ग पर ट्रैफिक के कारण फरीदाबाद से गुरुग्राम पहुंचने में काफी समय लगता है, लेकिन आरआरटीएस शुरू होने के बाद यही दूरी लगभग 20 मिनट में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं गुरुग्राम से नोएडा तक का सफर भी करीब 40 मिनट में पूरा किए जाने की योजना है। हालांकि अंतिम यात्रा समय संचालन व्यवस्था और स्टेशनों की संख्या तय होने के बाद स्पष्ट होगा।

18 आधुनिक स्टेशन यात्रियों को देंगे बेहतर कनेक्टिविटी

पूरे कॉरिडोर पर लगभग 18 स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इन स्टेशनों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यात्रियों को आरआरटीएस और स्थानीय मेट्रो सेवाओं के बीच आसानी से इंटरचेंज की सुविधा मिल सके। इससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलेगा।

रोजगार, कारोबार और ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा

फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज परिवहन व्यवस्था से इन शहरों की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

15,746 करोड़ रुपये की लागत, 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 15,746 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इसमें हरियाणा सरकार भी महत्वपूर्ण वित्तीय योगदान देगी। यदि सभी प्रशासनिक मंजूरियां और तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं तो निर्माण कार्य वर्ष 2026 के अंत तक शुरू किया जा सकता है। फिलहाल परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद एनसीआर में तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now

और पढ़ें

ताजा खबरें