रेवाड़ी: रेवाडी में वकीलों का उग्र प्रदर्शन पांचवे दिन भी शुक्रवार को जारी रहा। एसडीएम से वकीलों का चला आ रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वकीलों ने पांचवें दिन भी जमकर एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की और उसे भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए तबादले की मांग दोहराई। वकीलों के धरना स्थल पर पहुंच कर जहां विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने अपना समर्थन दिया, वहीं सभी ने एक सुर में एसडीएम को रेवाड़ी से तबादला करने की पुरजोर वकालत की।

छुटी के बाजवूद घर से कर रहा केसो का निपटारा
अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि सरकार ने एसडीएम रेवाड़ी को छुट्टी पर भेज दिया लेकिन छुट्टी के बावजूद भी उन्होंने कल अपने घर पर बैठकर 18 केसों में अपने निर्णय लिखवाए हैं। एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधान ने सरकार से मांग की कि एसडीएम के अभी तक के सभी निर्णय की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की आवश्यकता है। वकीलों ने मांग उठाई की कई पक्षकारों ने आकर भी इस अधिकारी के मनमाने पूर्ण निर्णय की प्रतिलिपि उन्हें उपलब्ध कराई है।

वकीलों ने की नारेबाजी
वकीलों ने जमकर नारेबाजी के बीच कहा कि जब तक एसडीएम का तबादला नहीं होगा तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के प्रधान ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि 16 अप्रैल 2026 से उन्होंने एसडीएम अदालत का बहिष्कार किया हुआ था, लेकिन जिला सत्र न्यायाधीश ने भी इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की। जिसके कारण उन्हें कोई समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन करना पड़ा है।

उन्होंने मंच से ही कहा कि जिला न्यायिक अधिकारी भी वकीलों की बात को सक्षम अधिकारियों के पास नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिस कारण वकीलों के द्वारा एसडीम के तबादले करने की मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि शनिवार, रविवार को छुट्टी होने के कारण धरना प्रदर्शन नहीं होगा। सोमवार को धरना जारी रहेगा। जिसमें किसी भी वकील के मुंशी या क्लर्क को अदालत में पेश होने पर रोक लगाई गई है।













