धारूहेड़ा (Best24News): प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास भारत भूषण ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला, कंस वध और भगवान श्री रुक्मिणी-कृष्ण विवाह के प्रसंगों का मार्मिक व ओजस्वी वर्णन किया। प्रस्तुत की गई झांकियों को देख पूरा पांडाल ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
कथा में कंस वध का प्रसंग आया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचार और अधर्म का अंत कर मथुरा वासियों को कंस के भय से मुक्ति दिलाई। व्यास जी ने संदेश दिया कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है, तब-तब ईश्वर किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं।
आयोजक डॉ. अश्विनी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा रोजाना दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे होती है कथा के समापन 8 सितंबर को पूर्णाहूति के साथ व भंडारे का आयोजन किया जाएगा।












