रेवाड़ी (Best24News)। रेवाड़ी में उपमंडल अधिकारी (SDM) के तबादले और उनके कथित भ्रष्ट आचरण को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। जिला बार एसोसिएशन रेवाड़ी के बैनर तले वकीलों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। वकीलों के हड़ताल पर रहने के कारण अदालती कामकाज पूरी तरह ठप रहा और दूर-दराज से आए पक्षकारों (क्लाइंट्स) को बिना पैरवी के ही वापस लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने एसडीएम रेवाड़ी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार से उनका तुरंत तबादला करने की मांग की।

“हर मामले में तलाशते हैं सुविधा शुल्क, 47A स्टांप मामलों की हो जांच”
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं लांघ चुके हैं और हर मामले का निपटारा करने के लिए ‘सुविधा शुल्क’ की मांग की जाती है।
प्रधान ने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच कराना चाहती है, तो केवल 47A स्टांप ड्यूटी एक्ट के तहत अभी तक निपटाए गए मामलों के निर्णयों की जांच करवा ले, जिससे एसडीएम के भ्रष्ट आचरण का पूरा पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एसडीएम के दुर्व्यवहार और तानाशाही रवैये के खिलाफ वकील गत 16 अप्रैल से ही उनकी अदालत का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया।
तहसील शिफ्टिंग पर भी रोष, बोले- ‘विधायकों और जज को भी करा चुके हैं अवगत’
अधिवक्ताओं ने बताया कि पूर्व में उपायुक्त के आदेशानुसार पाल्हावास तहसील की अदालत रेवाड़ी सचिवालय परिसर में ही लगती थी, जिसे अब अचानक पुनः पाल्हावास स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इससे वकील और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण बुरी तरह परेशान हैं।
बार प्रधान ने स्पष्ट किया कि वे इस संबंध में जिले के तीनों विधायकों, जिला उपायुक्त और जिला एवं सत्र न्यायाधीश को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूरन उन्हें अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा। जब तक अधिकारी का तबादला नहीं होता, तब तक अदालती कामकाज का बहिष्कार जारी रहेगा।
पूर्व मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव पहुंचे धरना स्थल
वकीलों के इस प्रदर्शन को उस समय और राजनीतिक बल मिला जब पूर्व मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव खुद धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी का रवैया और आचरण जनहित में नहीं है। सरकार के प्रतिनिधियों को तुरंत हस्तक्षेप करते हुए इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और भ्रष्ट अधिकारी का तबादला करना चाहिए।
धरना स्थल पर मौजूद रहे सैकड़ों वरिष्ठ अधिवक्ता
इस व्यापक विरोध-प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता अमरजीत यादव, मुकेश गुप्ता, एसएन वशिष्ठ, रघुवीर सिंह यादव, विवेक यादव, यशपाल यादव, चौधरी चरण सिंह, शौकीन शर्मा, अनिल कुमार अत्रि, जसवीर सिंह यादव, अश्वनी तिवारी, नरेश यादव, उप प्रधान सुमन यादव, सचिव मनोज कुमार यादव, सहसचिव मोनू कुमार, और कोषाध्यक्ष चिराग शर्मा शामिल रहे।













