धारूहेड़ा (रेवाड़ी न्यूज़): औद्योगिक कस्बे धारूहेड़ा में मंगलवार को हुई महज 10 मिनट की बारिश ने राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के किनारे बने नालों की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मानसून और बरसात के सीजन से पहले प्रशासन द्वारा किए जाने वाले तमाम दावों की हवा निकल गई।

थोड़ी सी देर हुई इस बारिश के दौरान दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई प्रमुख स्थानों पर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया, जिससे देखते ही देखते वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई और हाईवे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। सड़क पर अचानक हुए इस जलभराव के कारण दैनिक यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के चलते दिल्ली व जयपुर मार्ग पर वाहनो की लंबी कतारे लग गई।
हाईवे की सर्विस रोड बनी तालाब, दोपहिया वाहन चालक फंसे
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने बताया कि बारिश के पानी की उचित निकासी न होने के कारण सारा पानी हाईवे के साथ-साथ सर्विस रोड और आस-पास के निचले क्षेत्रों में जमा हो गया।

यातायात ठप: सर्विस रोड पर पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि वह किसी तालाब जैसी नजर आने लगी। जगह जगह वाहन फंसे रहे जिसके चलते काफी देर जाम लगा रहा। इतना ही जहां एक किलोंमीटर की दूरी तय करने में 5 से 10 मिनट लगते है एक घंटे से ज्यादा समय लगा।
वाहन खराब: इस दौरान पानी के बीच से निकलने की कोशिश में कई दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल और स्कूटर) बीच रास्ते में ही बंद हो गए और फंस गए। इसके अलावा पैदल आने-जाने वाले राहगीरों और कामकाजी लोगों को भी गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ा। राहगिर एचएचएआई के अधिकारियों को कोसते हुए नजर आए। हर साल मोटा टॉल तो वूसला जाता है लेकिन सुविधाएं नहीं बढाई जा रही है।
हर साल कागजों में होती है नालों की सफाई, जमीनी हकीकत विपरीत
धारूहेड़ा के स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल बरसात का मौसम शुरू होने से पहले संबंधित विभागों और प्रशासन द्वारा नालों की पूरी सफाई करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, जिन पर लाखों का बजट भी खर्च होता है। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति हमेशा इसके बिल्कुल विपरीत नजर आती है। नाले कचरे और पॉलीथिन से अटे पड़े हैं, जिसके कारण महज 10 मिनट की सामान्य बारिश का पानी भी सड़कों पर ओवरफ्लो होकर बहने लगता है।

निवासियों ने की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
कस्बे के निवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश के दिनों में धारूहेड़ा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यही बदहाल स्थिति बनती है। बार-बार शिकायतें देने के बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और स्थानीय प्रशासन द्वारा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई भी प्रभावी या ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, नालों की नियमित और गहरी सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि आने वाले दिनों में भारी बारिश होने पर लोगों को ऐसे गंभीर संकट और जाम से न जूझना पड़े। जाम के चलते न केवल औद्योगिक कस्बे में कंपनियों में कच्चा माल समय पर नही पहुंच पाया वही कर्मचारियो की बसे भी काफी लेट हो गई।













