Hydrogen Train: भारतीय रेलवे हरित ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन आधारित ट्रेन अब अंतिम चरण की परीक्षण प्रक्रिया में पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद इसे आम यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकता है।
120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से होगा अंतिम परीक्षण
रेलवे विभाग की तकनीकी टीम बुधवार को इस अत्याधुनिक ट्रेन का फाइनल स्पीड ट्रायल करेगी। परीक्षण के दौरान ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम निर्धारित गति पर चलाया जाएगा। इससे पहले कम गति पर किए गए कई परीक्षण सफल रहे हैं, जिसके बाद अब अंतिम मूल्यांकन की तैयारी पूरी कर ली गई है।
जींद से सोनीपत तक सफर होगा पहले से तेज
यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच संचालित किए जाने की योजना है। लगभग 89 किलोमीटर की दूरी को यह ट्रेन करीब एक घंटे में पूरा कर सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
कम किराए में आधुनिक यात्रा का अनुभव
रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद किफायती किराए का लाभ मिल सकता है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पर्यावरण के लिए बनेगी मिसाल
हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित यह ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण अनुकूल मानी जा रही है। ट्रेन के संचालन के दौरान धुएं या हानिकारक गैसों का उत्सर्जन नहीं होगा। इसके बजाय केवल जलवाष्प निकलने की संभावना रहती है, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।
हजारों यात्रियों को मिलेगा लाभ
इस आधुनिक ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। रेलवे का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में देश के अन्य रेल मार्गों पर भी हरित ऊर्जा आधारित ट्रेनों के संचालन का रास्ता खोल सकती है।













