NH 48 Dharuhera : धारूहेड़ा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को हुई बारिश में ही सड़क तालाब में बदल गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही जल निकासी के अभाव में कावडियों के लिए बनाया गया पैदल मार्ग पानी मे डूग गया। बारिश के चलते कांवडिए पानी के अदंर से जाते हुए नजर आए।
बता दे कि पिछले कई सालों से इस राष्ट्रीय राजमार्ग 48 की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। उचित जल निकासी के अभाव में थोड़ी सी बारिश के बाद ही सड़क पर 1 से 2 फीट तक पानी भर जाता है। चोक नाले गंदे और बदबूदार पानी को सड़क पर फैला देते हैं। अधूरे नालो से पानी की निकासी नहीं होना आम बात हो गई है। दो दिन से हो रही बारिश से हाइवे पर जोनियावास, मालपुरा, बेस्टेक माल व खरखडा के पास जलभराव बना हुआ है।

इस जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बड़े वाहनों के गुजरने से कीचड़ और गंदा पानी पैदल गुजरने वालो के लिए पेरशानी बना हुआ है। कांवड़ सेवा समिति के एक सदस्य ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे हर साल शिविर लगाते हैं, लेकिन सड़क की यह हालत देखकर दुख होता है कि भक्तों को गंदे पानी में चलना पड़ेगा।
शुक्रवार को जलभराव के चलते उनको काफी देर रूकना पडा।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने एनएचएआई से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में राजमार्ग पर पक्की नाली और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण, सड़क को ऊंचा करना और गड्ढे भरना शामिल है। लोगों का आरोप है बारिश के 10 मिनट बाद ही सड़क बंद हो जाती है। बरसात से पहले न तो नालो की पूरी तरह से सफाई करवाई गई वहीं न ही सर्विस लाईन को रिपेयर किया गया।
बारिश में यातायात पुलिस ने संभाला मार्चा: कांवडियों की सुरक्षा व हाईवे पर लगने वाले जाम को लेकार बारिश में भी यातायात पुलिस सक्रिय दिखाई। कई जगह कावडियों को रोड पार कराते हुए तथा जाम के चलते वाहनो को निकाला गया। यातायात प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि एचएचएआई की ओर से नालों का काम अधूरा पड हुआ है जिससे बारिश वाहन चालक परेशान है। बार बार वाहनो के टायर नालो के पास थंस जाते है।











